Actor Ashutosh Rana met Premanand Maharaj: बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा और प्रेमानंद महाराज जी के बीच एक विशेष वार्ता हुई, जिसमें भक्ति, श्रद्धा, आध्यात्मिकता और जीवन के मूल्यों पर गहन चर्चा हुई। इस बातचीत में आशुतोष राणा ने अपने गुरुदेव के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की और अपनी धार्मिक आस्था के बारे में विस्तार से बताया।
गुरुदेव के प्रति श्रद्धा- Actor Ashutosh Rana met Premanand Maharaj
आशुतोष राणा ने वार्ता की शुरुआत में अपने गुरुदेव भगवान दद्दा जी देव प्रभाकर शास्त्री के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे 36 वर्षों तक अपने गुरुदेव के सानिध्य में रहे और उनके मार्गदर्शन में आध्यात्मिकता को अपनाया। उन्होंने यह भी बताया कि 2020 में जब सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण और महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया गया था, तब वे इसमें सम्मिलित हुए थे।
परिवार की आध्यात्मिक आस्था
वार्ता के दौरान आशुतोष राणा ने बताया कि उनकी धर्मपत्नी भी अभिनेत्री हैं और वे भी पूज्य महाराज जी को सुनती हैं। उनके छोटे पुत्र ने भी महाराज जी को प्रणाम कर उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। राणा ने बताया कि उनके परिवार में आध्यात्मिकता का विशेष स्थान है और वे इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं।
स्वास्थ्य और अध्यात्म पर चर्चा
बातचीत के दौरान महाराज जी ने बताया कि शरीर की अस्वस्थता से अधिक महत्वपूर्ण मन की शुद्धता है। उन्होंने कहा कि यदि मन स्वस्थ है तो शरीर की अस्वस्थता कोई बड़ा मुद्दा नहीं बनती। उन्होंने अपने डायलिसिस के अनुभव साझा करते हुए बताया कि आध्यात्मिकता के बल पर वे इसे सहजता से स्वीकार कर रहे हैं।
भक्ति मार्ग की कठिनाइयाँ
आशुतोष राणा ने स्वीकार किया कि भौतिक जीवन में प्रतिष्ठा, धन और भोग-विलास के कारण भक्ति मार्ग पर चलना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि संसारिक बंधनों के कारण व्यक्ति भक्ति के मार्ग पर आगे नहीं बढ़ पाता। इस पर महाराज जी ने सहमति जताते हुए कहा कि लोक प्रतिष्ठा और सम्मान की चाहत व्यक्ति को भक्ति से दूर कर देती है, लेकिन गुरु कृपा से ही इसे पार किया जा सकता है।
शिवरात्रि और शिव तांडव पर विशेष चर्चा
वार्ता के दौरान शिवरात्रि का विशेष महत्व भी चर्चा का विषय बना। राणा ने बताया कि वे शिव तांडव स्तोत्र का विशेष रूप से पाठ करते हैं और इसे सुनने से उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि इस स्तोत्र को सरल भाषा में प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने देश के प्रसिद्ध साहित्यकारों के साथ काम किया।
गुरुदेव का आशीर्वाद
महाराज जी ने राणा और उनके परिवार को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर चलने से व्यक्ति को शांति और संतुष्टि मिलती है। उन्होंने कहा कि नर्मदा के किनारे स्थित गाडरवारा में उन्हें विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ है। उन्होंने आशुतोष राणा को चंदन और कन्नौज का इत्र भेंट किया, जो धार्मिक सेवा के लिए उपयोग किया जाता है।
इस वार्ता से यह स्पष्ट हुआ कि आशुतोष राणा न केवल एक बेहतरीन अभिनेता हैं, बल्कि आध्यात्मिकता में भी गहरी आस्था रखते हैं। पूज्य महाराज जी के सानिध्य में उन्होंने भक्ति और साधना का महत्व समझा और इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया।
यह वार्ता सभी भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश के रूप में उभर कर आई, जिसमें बताया गया कि कैसे गुरु कृपा से व्यक्ति आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ सकता है और जीवन के वास्तविक अर्थ को समझ सकता है।
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