Yogi Adityanath On PM: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राजनीति में स्थायी रूप से नहीं हैं और उनका मुख्य उद्देश्य केवल उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं दिल से एक योगी हूं और राजनीति मेरा पूर्णकालिक व्यवसाय नहीं है। मैं मुख्यमंत्री पद पर उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए हूं, और मैं हमेशा के लिए राजनीति में नहीं आया हूं।”
प्रधानमंत्री पद को लेकर बढ़ती चर्चाएं– Yogi Adityanath On PM
यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। योगी आदित्यनाथ के समर्थक उन्हें प्रधानमंत्री पद का एक प्रमुख दावेदार मानते हैं। इस विषय पर पीएम मोदी के 30 मार्च को संघ मुख्यालय जाने के बाद इन चर्चाओं ने और गति पकड़ी। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
VIDEO | In an exclusive interview with PTI, UP CM Yogi Adityanath (@myogiadityanath) says row over Hindi in states like Tamil Nadu is being created by leaders for their narrow political interests.
“In UP, we are teaching Tamil, Telugu, Malayalam, Kannada, Bengali and Marathi, so… pic.twitter.com/kJsUI8VBXJ
— Press Trust of India (@PTI_News) April 1, 2025
शिवसेना नेता संजय राउत का बयान
इसी संदर्भ में शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी बयान दिया कि अगला प्रधानमंत्री महाराष्ट्र से होगा। हालांकि, इस पर देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में जब तक पिता जीवित होते हैं, उत्तराधिकारी की बात नहीं की जाती।
केंद्रीय नेतृत्व के साथ कोई मतभेद नहीं: योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और केंद्रीय नेतृत्व के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा, “केंद्रीय नेतृत्व के साथ मेरा कोई मतभेद नहीं है। अगर ऐसा होता तो मैं यहां बैठा नहीं होता।” योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि वह खुद को किसी विशेष स्थिति में नहीं मानते और केंद्रीय नेतृत्व से उनके अच्छे संबंध हैं।
राजनीति और धर्म का मिलन गलत नहीं: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनीति और धर्म के संबंध पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राजनीति में धर्म का मिलन गलत नहीं है, बल्कि यह समाज की भलाई के लिए आवश्यक है। उनका कहना था कि धर्म का उद्देश्य परमार्थ होता है और राजनीति का उद्देश्य समाज की भलाई करना होता है। जब धर्म का इस्तेमाल स्वार्थ के लिए किया जाता है, तो समस्याएं उत्पन्न होती हैं, लेकिन जब इसका उद्देश्य परमार्थ होता है, तो समाज की प्रगति होती है।
टिकट वितरण पर मुख्यमंत्री का बयान
पार्टी में टिकट वितरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काम संसदीय बोर्ड का है। उन्होंने बताया कि संसदीय बोर्ड में सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद ही प्रत्याशी के नाम तय होते हैं। टिकट बांटने का काम पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा किया जाता है, जिसमें किसी के चलने या न चलने की बात नहीं होती है।