Home Blog Page 43

Man Eat Coins: युवक के पेट से निकाले गए 33 सिक्के, डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन

0

Man Eat Coins: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं में स्थित रेनबो अस्पताल में डॉक्टरों ने एक युवक के पेट से 33 सिक्के निकाले। यह मामला 31 जनवरी का है, जब युवक को उसके परिजन पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि युवक के पेट में कई सिक्के फंसे हुए हैं।

और पढ़ें: Indians deported from US: हरियाणा-गुजरात से 33-33 और पंजाब से 30… अमेरिका से 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर अमृतसर पहुंचा सैन्य विमान

डॉक्टरों की जांच में हुआ बड़ा खुलासा- Man Eat Coins

अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने युवक की अलग-अलग जांचें कीं, जिसमें एक्स-रे और एंडोस्कोपी भी शामिल थे। इन जांचों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि युवक के पेट में कई सिक्के जमा हो चुके हैं।

Man Eat Coins himachal pradesh news
source: google

रेनबो अस्पताल के डॉक्टर अंकुश ने बताया कि मरीज के पेट में कुल 300 रुपये की कीमत के 33 सिक्के पाए गए। इनमें –

  • 2 रुपये के 5 सिक्के
  • 10 रुपये के 27 सिक्के
  • 20 रुपये का 1 सिक्का शामिल था।

तीन फरवरी को हुआ ऑपरेशन

डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज के एब्डोमिनल स्कैन में यह पाया गया कि सिक्कों का कुल वजन 247 ग्राम था। इसके बाद डॉक्टरों ने तीन फरवरी को ऑपरेशन करने का फैसला किया। ऑपरेशन सफल रहा और डॉक्टरों ने सभी सिक्के निकाल लिए।

डॉक्टरों ने बताया कि यदि ऑपरेशन में देर होती, तो यह युवक के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता था। सिक्कों के कारण पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ सकता था और आंतों में गंभीर नुकसान हो सकता था।

सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है युवक

डॉक्टर अंकुश ने बताया कि युवक सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में मरीज असामान्य रूप से सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने लगता है।

Man Eat Coins himachal pradesh news
source: google

सिजोफ्रेनिया के कारण कुछ मरीज अजीबोगरीब हरकतें करने लगते हैं, जिसमें धातु या अन्य अनावश्यक चीजों को निगलना भी शामिल हो सकता है। इसी वजह से यह युवक सिक्के निगलता जा रहा था और उसकी यह आदत उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बन गई।

युवक की हालत अब स्थिर, डॉक्टरों ने दी सलाह

ऑपरेशन के बाद युवक की स्थिति स्थिर है और उसे अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों ने परिजनों को सतर्क रहने और मानसिक रोग विशेषज्ञ से नियमित परामर्श लेने की सलाह दी है।

यह मामला मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को उजागर करता है और यह दिखाता है कि सिजोफ्रेनिया जैसी बीमारियों के मरीजों को विशेष देखभाल और चिकित्सा की जरूरत होती है।

घुमारवीं के इस चौंकाने वाले मामले में डॉक्टरों ने सही समय पर जांच और सर्जरी करके युवक की जान बचाई। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने की भी जरूरत को दर्शाती है। यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ लगता है, तो उसे समय पर उचित चिकित्सा सहायता दिलाना बेहद जरूरी है।

और पढ़ें: USA Deports Indians: अमेरिका से अवैध प्रवासियों की वापसी, ट्रंप प्रशासन के फैसले से भारत में हलचल

Hero MotoCorp GST demand notice: हीरो मोटोकॉर्प को 456 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस, क...

0

Hero MotoCorp GST demand notice: देश की दिग्गज टू-व्हीलर निर्माता हीरो मोटोकॉर्प को 456 करोड़ रुपये का जीएसटी डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी और बताया कि यह नोटिस राजस्थान के जीएसटी अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है।

और पढ़ें: Hyundai Exter, Aura, i20 discounts: हुंडई कारों पर शानदार छूट! इस फरवरी में 68,000 रुपये तक की बचत का मौका!

हीरो मोटोकॉर्प ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उन्हें यह आदेश अलवर स्थित सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) ऑफिस के एडिशनल कमिश्नर से प्राप्त हुआ है।

क्यों मिला हीरो मोटोकॉर्प को यह जीएसटी नोटिस? (Hero MotoCorp GST demand notice)

हीरो मोटोकॉर्प पर यह जुर्माना जुलाई 2017 से मार्च 2024 के बीच सप्लाई किए गए पार्ट्स और एक्सेसरीज पर लगाया गया है। कंपनी पर आरोप है कि इन उत्पादों पर गलत टैक्स रेट लगाया गया, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ।

Hero MotoCorp GST demand notice
source: google

जीएसटी एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत 456.06 करोड़ रुपये का टैक्स लगाने के साथ-साथ इस राशि पर ब्याज और जुर्माना भी लगाया गया है।

क्या कंपनी पर पड़ेगा कोई बड़ा असर?

हीरो मोटोकॉर्प ने इस नोटिस को चुनौती देने की तैयारी कर ली है। कंपनी ने कहा है कि यह टैक्स डिमांड कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है और वह इसके खिलाफ अपील दायर करेगी।

हीरो मोटोकॉर्प का मानना है कि इस आदेश से उसकी वित्तीय स्थिति, ऑपरेशन्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा।

हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों पर असर

इस नोटिस की खबर आने के बाद हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को कंपनी का स्टॉक 48.85 रुपये (1.14%) की गिरावट के साथ 4237.25 रुपये के भाव पर बंद हुआ।

Hero MotoCorp GST demand notice
source: google

सोमवार को कंपनी के शेयर 4286.10 रुपये पर बंद हुए थे, लेकिन मंगलवार को 4337.90 रुपये के मजबूत स्तर पर खुले। हालांकि, कारोबार के दौरान यह 4345.95 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंचा, लेकिन बाद में 4223.25 रुपये के इंट्राडे लो तक गिर गया।

हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 6245.00 रुपये और न्यूनतम स्तर 3999.00 रुपये रहा है।

आगे क्या होगा?

हीरो मोटोकॉर्प ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने और अपील दायर करने की योजना बनाई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नोटिस उसकी वित्तीय स्थिरता को प्रभावित नहीं करेगा।

अब यह देखना होगा कि कंपनी की अपील के बाद जीएसटी विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या हीरो मोटोकॉर्प को इस टैक्स डिमांड से राहत मिलती है।

और पढ़ें: Ducati Launched Store In Bengaluru: बेंगलुरु में डुकाटी का सबसे बड़ा स्टोर लॉन्च, भारतीय बाजार में विस्तार की नई रणनीति

Comedian Pranit More: वीर पहाड़िया की डेब्यू फिल्म के बीच विवाद, कॉमेडियन प्रणित मोरे...

0

Comedian Pranit More: बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहे अभिनेता वीर पहाड़िया इन दिनों अपनी पहली फिल्म को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। इस फिल्म में वह एक एयर फोर्स ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं और उनके साथ अक्षय कुमार, सारा अली खान और निमरत कौर जैसे बड़े सितारे नजर आने वाले हैं। हालांकि, अब वीर पहाड़िया का नाम एक विवाद में भी जुड़ गया है। मशहूर कॉमेडियन प्रणित मोरे को उनके शो के बाद कुछ लोगों ने सिर्फ इसलिए पीट दिया क्योंकि उन्होंने अपने शो के दौरान वीर पहाड़िया पर एक जोक किया था।

और पड़ें: Producer KP Choudhary Death: रजनीकांत की फिल्म कबाली के प्रोड्यूसर केपी चौधरी की संदिग्ध मौत, आत्महत्या की आशंका

प्रणित मोरे पर हमले की पूरी घटना- Comedian Pranit More

कॉमेडियन प्रणित मोरे ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि यह घटना सोलापुर में आयोजित एक शो के बाद हुई। शो के दौरान उन्होंने वीर पहाड़िया को लेकर मजाक किया था, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब वह फैंस के साथ सेल्फी ले रहे थे, तभी एक ग्रुप उनके पास पहुंचा।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Pranit More (@rj_pranit)

पहले तो हमलावरों ने खुद को प्रणित का फैन बताया, लेकिन इसके बाद उन पर अचानक हमला कर दिया। करीब 11-12 लोगों के इस समूह ने उन्हें बुरी तरह पीटा और फिर धमकी देकर वहां से फरार हो गए।

हमलावरों में से एक का नाम आया सामने

प्रणित मोरे की पोस्ट के मुताबिक, हमलावरों में से एक का नाम तनवीर शेख था। उसने मारपीट के दौरान कहा, “अगली बार वीर पहाड़िया पर जोक मारकर दिखा!” इस बयान से यह साफ हो गया कि यह हमला वीर पहाड़िया को लेकर किए गए मजाक की वजह से किया गया था।

वीर पहाड़िया ने घटना पर दी सफाई

इस पूरे मामले में वीर पहाड़िया का नाम आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया और इस हमले की निंदा की। उन्होंने लिखा:

“मैं इस घटना से बहुत दुखी और हैरान हूं। मैं किसी भी तरह की हिंसा को सपोर्ट नहीं करता। यह मेरी सोच के विपरीत है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।”

वीर पहाड़िया ने यह भी कहा कि वह पूरी कोशिश करेंगे कि हमलावरों को सजा मिले और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वीर ने यह भी साफ किया कि वह हमेशा ट्रोलिंग को हल्के में लेते आए हैं और खुद भी मजाक में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने प्रणित मोरे को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

यह विवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग प्रणित मोरे के समर्थन में खड़े हैं और कह रहे हैं कि जोक को मजाक की तरह लिया जाना चाहिए, न कि उसे हिंसा तक ले जाया जाए।

वहीं, कुछ लोग वीर पहाड़िया का बचाव भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि वीर पहाड़िया का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें इस विवाद में घसीटना सही नहीं है।

और पढ़ें: Rajinikanth and Sridevi Love Story: जब एक वहम की वजह से सुपरस्टार ने छोड़ दिया प्रपोज करने का इरादा, हमेशा के लिए अधूरा रह गया इश्क़

Indians deported from US: हरियाणा-गुजरात से 33-33 और पंजाब से 30… अमेरिका से 10...

0

Indians deported from US: अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 104 भारतीय नागरिकों को लेकर अमेरिकी सैन्य विमान C-17 मंगलवार दोपहर 1:59 बजे पंजाब के अमृतसर में श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। इस विमान में 13 बच्चों समेत 79 पुरुष और 25 महिलाएं सवार थीं। अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा निर्वासित किए गए इन नागरिकों में पंजाब से 30, हरियाणा से 33, गुजरात से 33, महाराष्ट्र से 3, उत्तर प्रदेश से 3 और चंडीगढ़ से 2 लोग शामिल हैं।

और पढ़ें: USA Deports Indians: अमेरिका से अवैध प्रवासियों की वापसी, ट्रंप प्रशासन के फैसले से भारत में हलचल

अमेरिका से भारतीयों का पहला निर्वासन- Indians deported from US

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। यह पहला मौका है जब अमेरिका से भारतीय नागरिकों को बड़े पैमाने पर वापस भेजा गया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करने के फैसले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर उन भारतीयों के लिए जिन्होंने अमेरिका में स्थायी निवास के लिए आवेदन किया था।

संयुक्त राज्य अमेरिका से टेक्सास के सैन एंटोनियो से भरी उड़ान

इससे पहले, अमेरिकी सैन्य विमान C-17 ने टेक्सास के सैन एंटोनियो से उड़ान भरी थी। अमृतसर एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, अमेरिकी दूतावास का एक प्रतिनिधि भी एयरपोर्ट पर था। अधिकारियों के अनुसार, वापस भेजे गए अधिकतर लोगों को अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर पकड़ा गया था। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये लोग भारत में किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं थे।

Indians deported from US Donald Trump
source: google

अवैध डंकी रूट से अमेरिका में घुसने की कोशिश

सूत्रों के मुताबिक, इन प्रवासियों ने अमेरिका में प्रवेश के लिए ‘डंकी रूट’ का इस्तेमाल किया था। इस प्रक्रिया के तहत, लोग पहले दक्षिण अमेरिका के कुछ देशों में पहुंचते हैं और फिर मैक्सिको के रास्ते अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करते हैं। चूंकि इन लोगों ने भारतीय कानूनों का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए इन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। जिनके पास पासपोर्ट नहीं हैं, उनकी बायोमेट्रिक जांच से पहचान की जाएगी।

निर्वासन को लेकर पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य सरकार इन प्रवासियों का स्वागत करेगी और एयरपोर्ट पर सहायता काउंटर स्थापित करेगी। वहीं, पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस फैसले पर निराशा जताई और कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे।

Indians deported from US Donald Trump
source: google

धालीवाल ने कहा, “ये लोग अमेरिका की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे थे। उन्हें निर्वासित करने के बजाय स्थायी निवास दिया जाना चाहिए था।” उन्होंने यह भी दावा किया कि कई भारतीय वर्क परमिट पर अमेरिका गए थे, लेकिन उनकी अवधि समाप्त होने के कारण वे अवैध अप्रवासी बन गए।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सरकार आगे भी इसी तरह अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस भेज सकती है। इससे भारत सरकार के लिए नए नीति विकल्प तलाशने की जरूरत होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोका जा सके और प्रवासियों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।

और पढ़ें: Nijjar killing Case: कनाडाई जांच आयोग की रिपोर्ट ने ट्रूडो के भारत विरोधी आरोपों की पोल खोली, निज्जर हत्याकांड में नहीं मिले सबूत

Top 8 Bomber Aircrafts: ताकत, रेंज और मारक क्षमता…… ये हैं दुनिया के 8 सब...

0

Top 8 Bomber Aircrafts: दुनिया की प्रमुख सेनाओं के पास अत्याधुनिक बमवर्षक विमान (Bomber Aircraft) हैं, जो दुश्मन पर अचूक हमला करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये विमान पारंपरिक और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होते हैं और आधुनिक युद्ध के परिदृश्य में अहम योगदान देते हैं। आइए, दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक और शक्तिशाली बमवर्षक विमानों पर नजर डालते हैं।

और पढ़ें: World Most expensive Nelore cow: दुनिया की सबसे महंगी नेलोरे गाय, ‘वियाटिना-19’ 35 करोड़ रुपये में नीलाम

B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर (B-2 Spirit Stealth Bomber) – Top 8 Bomber Aircrafts

देश: अमेरिका

रडार पर पकड़: नहीं आता (स्टील्थ तकनीक)

संख्या: 20

क्षमता: परमाणु और पारंपरिक बमवर्षक

B-2 Spirit Stealth Bomber
source: google

B-2 स्पिरिट को दुनिया का सबसे ताकतवर स्टील्थ बॉम्बर माना जाता है। यह रडार की पकड़ में नहीं आता और अपने अद्वितीय डिज़ाइन की वजह से बेहद मारक क्षमता रखता है। यह परमाणु बम गिराने में सक्षम है और दुनिया की सबसे आधुनिक एविएशन तकनीकों से लैस है।

टुपोलेव Tu-160 (Tupolev Tu-160 Blackjack)

देश: रूस

अधिकतम गति: 2,220 km/h

रेंज: 12,300 km

शस्त्र: पारंपरिक और परमाणु हथियार

Tupolev Tu-160 Blackjack
Source: Google

Tu-160 Blackjack रूस का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ सुपरसोनिक बमवर्षक विमान है। यह परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम है और अपनी बड़ी रेंज की वजह से लंबी दूरी के हमले करने की क्षमता रखता है।

B-1B लांसर (B-1B Lancer)

देश: अमेरिका

शस्त्र: 84 मार्क 82 बम (500 lb), या 30 CBU-87/89/97, या 24 JDAMS

परमाणु मिसाइल: AGM-69A

B-1B Lancer
Source: Google

B-1B लांसर को अमेरिकी एयरफोर्स ने रणनीतिक बमबारी मिशन के लिए विकसित किया है। यह अपने भीतर बड़ी संख्या में बम और मिसाइलें लोड कर सकता है, जिससे यह एक खतरनाक हमला करने वाला विमान बन जाता है।

B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस (B-52 Stratofortress)

देश: अमेरिका

अधिकतम शस्त्र भार: 31,751 kg

रेंज: 16,093 km

B-52 अमेरिकी सेना का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला बमवर्षक विमान है। इसकी रेंज 16,093 km होने के कारण यह बेहद लंबी दूरी तक बिना रुके ऑपरेशन कर सकता है।

B-52 Stratofortress
source: Google

टुपोलेव Tu-22M (Tupolev Tu-22M Backfire)

देश: रूस

अधिकतम गति: 2,000 km/h

रेंज: 2,200 km

शस्त्र: 15 परमाणु मिसाइलें

Tupolev Tu-22M Backfire)
Source: Google

रूस के इस बमवर्षक का उपयोग वायु सेना और नौ सेना दोनों द्वारा किया जाता है। यह एक मल्टी-रोल बॉम्बर है जो बेहद उच्च गति से दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर सकता है।

जियान H-6 (Xian H-6 Hong-6)

देश: चीन

रेंज: 6,000 km

डिजाइन: रूस के Tupolev Tu-16 का चीनी संस्करण

Xian H-6 Hong-6
Source: Google

चीन का H-6 बॉम्बर मुख्य रूप से रणनीतिक परमाणु और पारंपरिक बमवर्षक के रूप में काम करता है। इसे चीनी वायु सेना द्वारा गहराई से उपयोग किया जाता है और इसमें आधुनिक मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम भी शामिल है।

सुखोई Su-24M (Sukhoi Su-24M Fencer)

देश: रूस

शस्त्र भार: 8,000 kg

उद्देश्य: भूमि और समुद्री हमले

Su-24M एक फ्रंटलाइन अटैक बॉम्बर है जिसे रूस ने डिज़ाइन किया है। इसे भारी बम और मिसाइलों के साथ जमीनी ठिकानों और समुद्री जहाजों पर हमला करने के लिए बनाया गया है।

Sukhoi Su-24M Fencer)
Source: Google

सुखोई Su-34 (Sukhoi Su-34 Fullback)

देश: रूस

अधिकतम गति: 1,900 km/h

रेंज: 1,100 km

शस्त्र भार: 8,000 kg

Sukhoi Su-34 Fullback
source: Google

Su-34 को मल्टी-रोल बॉम्बर के रूप में विकसित किया गया है। यह न केवल दुश्मन के ठिकानों को बमबारी करके नष्ट कर सकता है, बल्कि हवा में मुकाबले के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये सभी रणनीतिक बमवर्षक विमान अपनी आधुनिक क्षमताओं, लंबी रेंज और परमाणु हमले की ताकत के कारण अपने-अपने देशों के लिए रणनीतिक संपत्ति हैं। अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के पास ये सुपरपावर हथियार हैं, जो भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

और पढ़ें: Indonesia Toraja community Unique tradition: इंडोनेशिया के तोरजा समुदाय की अनोखी परंपरा, मृत परिजनों के साथ वर्षों तक रहते हैं लोग

Hibatullah Akhundzada vs Sirajuddin Haqqani: तालिबान में बढ़ता सत्ता संघर्ष! हक्कानी ...

0

Hibatullah Akhundzada vs Sirajuddin Haqqani: अफगानिस्तान में तालिबान शासन के भीतर सत्ता संघर्ष अब खुलकर सामने आने लगा है। तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने काबुल के प्रमुख रणनीतिक ठिकानों पर अपने वफादार लड़ाकों की तैनाती कर दी है। बाला हिसार किला और काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा पहले हक्कानी नेटवर्क के अधीन थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से कंधार गुट के नियंत्रण में आ गई है।

और पढ़ें: USA Deports Indians: अमेरिका से अवैध प्रवासियों की वापसी, ट्रंप प्रशासन के फैसले से भारत में हलचल

तालिबान में दो धड़ों की लड़ाई- Hibatullah Akhundzada vs Sirajuddin Haqqani

तालिबान के भीतर दो बड़े गुट हैं—एक हिबतुल्लाह अखुंदजादा का कंधार गुट, और दूसरा सिराजुद्दीन हक्कानी का हक्कानी नेटवर्क। सिराजुद्दीन हक्कानी, जो तालिबान सरकार में आंतरिक मंत्री हैं, एक महीने पहले संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के दौरे पर गए थे और तब से अफगानिस्तान नहीं लौटे हैं।

Hibatullah Akhundzada vs Sirajuddin Haqqani
source: Google

हक्कानी नेटवर्क पर शिकंजा, पाकिस्तान की भूमिका संदिग्ध

इस सत्ता संघर्ष में पाकिस्तान की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान का खुला समर्थन हासिल है, जबकि कंधार गुट पाकिस्तान की नीति का विरोध करता है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के इशारे पर ही सिराजुद्दीन हक्कानी ने यूएई और सऊदी अरब का दौरा किया, जिस पर कंधार गुट ने कड़ी नाराजगी जताई।

कंधार से आए तालिबानी लड़ाकों का काबुल पर कब्जा

काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक कर्मचारी ने पुष्टि की कि पिछले कुछ दिनों में कंधार से बड़ी संख्या में तालिबानी लड़ाके काबुल पहुंचे हैं और उन्होंने यहां की चौकियों पर कब्जा जमा लिया है। बाला हिसार और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भारी हथियारों से लैस लड़ाके गश्त कर रहे हैं, जिससे शहर पूरी तरह सैन्यीकृत दिखने लगा है।

काबुल में बढ़ता तनाव, जनता में डर का माहौल

काबुल के स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में तालिबान की चौकियां बढ़ रही हैं और चारों ओर भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है। नूर मोहम्मद नामक एक निवासी ने बताया—
“तालिबानी लड़ाके हर कुछ कदम पर लोगों को रोककर पूछताछ कर रहे हैं, जिससे शहर में दहशत का माहौल है।”

लोगों को डर सता रहा है कि तालिबान का यह आंतरिक संघर्ष कहीं काबुल में हिंसा का कारण न बन जाए।

हक्कानी नेटवर्क को कमजोर करने की रणनीति

सूत्रों के अनुसार, हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने हक्कानी नेटवर्क के प्रभाव को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है। वह हक्कानी गुट को काबुल से पूरी तरह बेदखल करना चाहते हैं। इसके अलावा, उनके लड़ाके अमेरिकी हथियारों और संसाधनों पर भी कब्जा कर रहे हैं, जो पहले हक्कानी नेटवर्क के पास थे।

Hibatullah Akhundzada vs Sirajuddin Haqqani
source: Google

सिराजुद्दीन हक्कानी ‘लापता’, अटकलें तेज

सिराजुद्दीन हक्कानी की लंबी अनुपस्थिति ने तालिबान में दरार को और गहरा कर दिया है। उनकी विदेश यात्रा के बाद अफगानिस्तान न लौटने से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कहीं वे अपना नया समर्थन आधार तैयार करने में लगे तो नहीं हैं।

तालिबान सरकार पर जनता का बढ़ता असंतोष

तालिबान में बढ़ते इस सत्ता संघर्ष का असर सरकार की कार्यप्रणाली पर भी पड़ रहा है।

  • सरकारी कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है।
  • मुद्रा विनिमय बाजार पर सख्त प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था चरमरा रही है।
  • अफगान जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

क्या तालिबान शासन के लिए खतरा बन सकता है यह संघर्ष?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान का यह आंतरिक मतभेद भविष्य में गृहयुद्ध की स्थिति तक पहुंच सकता है। अगर यह सत्ता संघर्ष और बढ़ा, तो अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थिरता के लिए यह एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

और पढ़ें: Nijjar killing Case: कनाडाई जांच आयोग की रिपोर्ट ने ट्रूडो के भारत विरोधी आरोपों की पोल खोली, निज्जर हत्याकांड में नहीं मिले सबूत

Bryan Johnson News: मुंबई की हवा 10 मिनट भी नहीं झेल पाए ब्रायन जॉनसन, छोड़ दिया पॉडक...

0

Bryan Johnson News: अमेरिकी अरबपति और बायोहैकर ब्रायन जॉनसन (Bryan Johnson) खुद को हमेशा जवान बनाए रखने की कोशिशों के लिए मशहूर हैं। दावा किया जाता है कि वह हर साल करीब 16 करोड़ रुपये अपनी एंटी-एजिंग रिसर्च और ट्रीटमेंट्स पर खर्च करते हैं। 47 साल के जॉनसन रोजाना 111 गोलियां लेते हैं और उनका दावा है कि उनकी हड्डियां 30 साल की, दिल 37 साल का है।

और पढ़ें: Budget 2025 Sasta-Mehnga Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में सस्ता हुआ इलेक्ट्रिक वाहन, दवाइयां, मोबाइल और मेडिकल उपकरण, महंगा हुआ कंप्यूटर डिस्प्ले

निखिल कामथ और ब्रायन जॉनसन की मुलाकात- Bryan Johnson News


भारतीय बिजनेसमैन निखिल कामथ (Nikhil Kamath), जो Zerodha के को-फाउंडर हैं, अपने पॉडकास्ट के लिए भी चर्चा में रहते हैं। उनके पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल हो चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अपने शो के लिए ब्रायन जॉनसन को मुंबई के बांद्रा स्थित सी-फेसिंग अपार्टमेंट में बुलाया था, जहां से समुद्र का शानदार नज़ारा दिखता है।

Bryan Johnson News Zerodha
source: Google

मुंबई की हवा नहीं कर पाए बर्दाश्त, बीच में छोड़ा पॉडकास्ट

पॉडकास्ट के लिए पूरी तैयारी की गई थी। बाहर AQI 160 था, लेकिन कमरे के अंदर इसे 130 पर नियंत्रित किया गया था। फिर भी ब्रायन जॉनसन मुंबई की हवा बर्दाश्त नहीं कर सके और सिर्फ 10 मिनट में पॉडकास्ट छोड़कर चले गए।

बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा –

“मैंने भारत में खराब हवा की वजह से पॉडकास्ट जल्दी खत्म कर दिया। होटल का एयर प्यूरीफायर बाहर की हवा को पूरी तरह से फिल्टर नहीं कर पाया, जिससे AQI 130 और PM2.5 लेवल 75 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया। यह 24 घंटे में 3.4 सिगरेट पीने के बराबर था।”

Bryan Johnson News Zerodha
source: Google

उन्होंने यह भी कहा कि –
“भारत में वायु प्रदूषण इतना सामान्य हो गया है कि इसके नकारात्मक प्रभावों को हर कोई नजरअंदाज करता है। लोग बिना किसी सुरक्षा के बाहर घूम रहे हैं, यहां तक कि बच्चे भी इस प्रदूषण के प्रभाव में आ रहे हैं। किसी ने भी ऐसा मास्क नहीं पहना जो इस जोखिम को कम कर सके।”

उन्होंने सुझाव दिया कि –
“भारत सभी प्रकार के कैंसरों के इलाज की तुलना में वायु की गुणवत्ता को सुधारकर अपनी आबादी के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार कर सकता है।”

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

ब्रायन जॉनसन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोग उन्हें भारत विरोधी बता रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि भारतीय ऐसी हवा में रहने के आदी हैं और फिर भी 100 साल तक जीते हैं।

कई लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि – “कोई विदेशी हमें यह न बताए कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।” कुछ लोग जॉनसन का समर्थन करते हुए कह रहे हैं कि वायु प्रदूषण वाकई में एक गंभीर समस्या है, जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

क्या भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है?
ब्रायन जॉनसन का बयान भले ही विवादास्पद हो, लेकिन यह सच है कि भारत में वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुका है। खासकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महानगरों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं और दमा, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। WHO के अनुसार, भारत में हर साल 12 लाख लोग वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों की वजह से समय से पहले मर जाते हैं।

और पढ़ें: Central Govt advisory for ChatGPT DeepSeek: भारत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए AI ऐप्स पर जारी किया सख्त निर्देश, केंद्र सरकार ने दी चेतावनी

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: मतदान जारी, 1.56 करोड़ वोटर्स करेंगे अपने मताधिकार का...

0

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान जारी है। राजधानी की सभी 70 सीटों पर सुबह से वोटिंग हो रही है और शाम 6 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी होगी। इस चुनाव में 1.56 करोड़ मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे और कुल 699 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

और पढ़ें: Who is Ashish Tayal: परिवहन मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच बढ़ा विवाद, कलह के बीच उछला आशीष तायल का नाम

तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में AAP, बीजेपी-कांग्रेस की चुनौती

मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस (INC) के बीच है। आम आदमी पार्टी तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी 25 साल के सत्ता के सूखे को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस, जो पहले 15 वर्षों तक सत्ता में थी, पिछले दो चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी और इस बार वापसी की कोशिश कर रही है।

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025 politics
source: Google

चुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम- Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025

मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए 13,766 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की 220 कंपनियां, 35,626 दिल्ली पुलिस के जवान, और 19,000 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। लगभग 3,000 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस टीम ड्रोन से भी निगरानी कर रही है।

वोटिंग अपडेट: किन क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा मतदान?

सुबह 11 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मुस्तफाबाद, संगम विहार, और सीलमपुर में सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।

  • मुस्तफाबाद: 26.33% वोटिंग
  • संगम विहार, सीलमपुर और गोकुलपुरी: 24% से अधिक मतदान
  • नई दिल्ली: 7%
  • जंगपुरा: 7.5%
  • कालकाजी: 6.2%
  • चांदनी चौक: 4.53%
  • करोल बाग: 4.49% (सबसे कम मतदान)
  • कुल मतदान (सुबह 9 बजे तक): 8.03%

चुनावी हस्तियों ने डाला वोट

कई बड़े नेताओं और उम्मीदवारों ने सुबह ही मतदान किया।

  • कांग्रेस नेता पवन खेड़ा: निजामुद्दीन ईस्ट में मतदान किया।
  • दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पिता: गोबिंद राम केजरीवाल ने अपना वोट डाला।
  • दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी (AAP): कालकाजी में मतदान किया और बीजेपी पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “धर्म युद्ध में सच्चाई की जीत होगी।”

मुस्तफाबाद बना चुनावी हॉटस्पॉट

मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में सुबह 9 बजे तक सबसे ज्यादा मतदान हुआ। इस सीट से AIMIM ने ताहिर हुसैन को टिकट दिया है, जो दिल्ली दंगों के आरोपी हैं।

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025 politics
source: Google
  • मुस्तफाबाद: 12.17% मतदान
  • करोल बाग: 4.49% मतदान (सबसे कम)

चुनाव से जुड़े विवाद और सुरक्षा मुद्दे

चुनाव प्रचार के दौरान कई आरोप-प्रत्यारोप लगे। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर बीजेपी की मदद करने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तैयारी की गई है

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान जोरों पर है। आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता बचाने की लड़ाई में जुटी है, जबकि बीजेपी और कांग्रेस वापसी की कोशिश में हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच वोटिंग जारी है और 8 फरवरी को इसका परिणाम सामने आएगा।

और पढ़ें: Prayagraj Kumbh: महाकुंभ भगदड़ पर संसद में हंगामा! खड़गे के बयान से बवाल, धनखड़ ने मांगा स्पष्टीकरण, बोले- बयान वापस लें

Central Govt advisory for ChatGPT DeepSeek: भारत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए A...

0

Central Govt advisory for ChatGPT DeepSeek: भारत सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऐप्स और प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर सतर्क किया गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी इस निर्देश में बताया गया है कि कुछ सरकारी कर्मचारी कार्यालय के कंप्यूटर और लैपटॉप पर AI एप्लिकेशन जैसे कि ChatGPT और DeepSeek का उपयोग कर रहे हैं। सरकार ने इस प्रथा को संवेदनशील डेटा और गोपनीय दस्तावेजों के लिए खतरा बताया है और सरकारी डिवाइस पर इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।

और पढ़ें: Budget 2025 Sasta-Mehnga Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में सस्ता हुआ इलेक्ट्रिक वाहन, दवाइयां, मोबाइल और मेडिकल उपकरण, महंगा हुआ कंप्यूटर डिस्प्ले

सरकारी कंप्यूटरों पर AI के इस्तेमाल पर रोक- Central Govt advisory for ChatGPT DeepSeek

सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि AI ऐप्स और टूल्स को सरकारी कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य आधिकारिक डिवाइसेज़ पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यह कदम सरकारी डेटा और गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे AI उपयोगकर्ताओं को हतोत्साहित नहीं करना चाहते, बल्कि वे केवल सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

Central Govt advisory for ChatGPT DeepSeek
source: Google

AI ऐप्स के बढ़ते उपयोग और सुरक्षा चिंताएं

भारत में कई विदेशी AI एप्लिकेशन उपलब्ध हैं, जिनमें ChatGPT, DeepSeek और Google Gemini प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये एप्लिकेशन यूज़र्स का काम आसान बनाने के लिए विकसित किए गए हैं, लेकिन सरकारी कंप्यूटरों में इनके इस्तेमाल से संवेदनशील डेटा लीक होने का खतरा बढ़ जाता है। AI टूल्स आमतौर पर उपयोगकर्ता की अनुमति मांगते हैं, जिससे उन्हें फाइलों और अन्य संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच मिल सकती है। इस वजह से सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं।

कैसे काम करते हैं AI ऐप्स?

AI ऐप्स और चैटबॉट का उपयोग कई लोग लैटर, आर्टिकल और ट्रांसलेशन के लिए कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रेजेंटेशन बनाने और अन्य कार्यालयी कार्यों के लिए भी इनका उपयोग किया जा रहा है। AI टूल्स यूज़र के इनपुट के आधार पर आउटपुट तैयार करते हैं और डेटा को प्रोसेस करने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग करते हैं।

Central Govt advisory for ChatGPT DeepSeek
source: Google

DeepSeek का बढ़ता प्रभाव और सुरक्षा मुद्दे

चीन का AI स्टार्टअप DeepSeek हाल ही में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। यह स्टार्टअप जनवरी 2025 में अपने R1 चैटबॉट के कारण सुर्खियों में आया, जिसने कई AI कंपनियों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। हालांकि, DeepSeek के डेटा संग्रहण के तरीकों को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। अमेरिका की संसद (यूएस कांग्रेस) ने अपने आधिकारिक उपकरणों में DeepSeek के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

अमेरिका और यूरोप में AI पर प्रतिबंध

अमेरिकी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि कई चैटबॉट को सिस्टम में खतरनाक सॉफ़्टवेयर अपलोड करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, और DeepSeek को लेकर भी जोखिम बताए गए हैं। यूएस संसद के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ने कहा है कि DeepSeek की सुरक्षा संबंधी जांच जारी है। यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी सरकार ने किसी AI टूल पर रोक लगाई हो। 2023 में भी ChatGPT के उपयोग पर सीमित प्रतिबंध लगाए गए थे, और अप्रैल 2024 में Microsoft Copilot पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

इटली में DeepSeek की जांच शुरू

इटली की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने 30 जनवरी 2025 को DeepSeek पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया और इसके खिलाफ जांच शुरू कर दी। डेटा सुरक्षा को लेकर DeepSeek की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने और यूरोपीय डेटा सुरक्षा कानूनों के अनुरूप न होने के कारण यह कार्रवाई की गई।

और पढ़ें: Budget 2025: बजट शब्द की उत्पत्ति और ऐतिहासिक तथ्यों पर डालें एक नज़र, जानें बजट से जुड़े दिलचस्प पहलू

Top 7 Gurdwaras in Tamil Nadu: तमिलनाडु में ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारे, गुरु नानक देव जी...

0

Top 7 Gurdwaras in Tamil Nadu: तमिलनाडु न केवल अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां कई ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित गुरुद्वारे भी हैं जो सिख समुदाय की आध्यात्मिकता और विरासत को दर्शाते हैं। दरअसल गुरु नानक देव जी ने अपनी पहली उदासी (धार्मिक यात्रा) के दौरान भारत के विभिन्न भागों का भ्रमण किया। इस यात्रा के दौरान वे दक्षिण भारत भी पहुंचे और तमिलनाडु के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर रुके। गुरु नानक की शिक्षाओं और उनके पदचिह्नों को संरक्षित करने के लिए इन स्थानों पर कई गुरुद्वारे स्थापित किए गए। आइए, तमिलनाडु के प्रमुख गुरुद्वारों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

और पढ़ें: Sikhism in Australia: ऑस्ट्रेलिया में सिखों का ऐतिहासिक सफर, 1800 के दशक की शुरुआत में हुआ था आगमन

1. गुरुद्वारा गुरु नानक धाम (Rameshwaram) – Top 7 Gurdwaras in Tamil Nadu

स्थान: रामेश्वरम, तमिलनाडु

रामेश्वरम हिंदू तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सिख गुरुद्वारा भी स्थित है जिसे गुरु नानक धाम कहा जाता है। यह गुरुद्वारा गुरु नानक देव जी की यात्रा की स्मृति में बनाया गया है। सिखों का मानना है कि गुरु नानक यहां 500 साल पहले आए थे।

इतिहास:

  • 1511 में, गुरु नानक श्रीलंका से लौटते समय रामेश्वरम आए और यहां 19 दिन तक रहे।
  • उन्होंने राजा शिवनाभ और अन्य 18 लोगों को सामाजिक बंधनों से मुक्त होने की शिक्षा दी।
  • जब उन्होंने देखा कि द्वीप पर पानी खारा है, तो उन्होंने एक कुआँ खोदा, जिससे मीठा पानी प्राप्त हुआ।
  • भक्तों ने गुरु नानक के ठहरने के स्थान को मंडपम के रूप में संरक्षित किया है।

2. गुरुद्वारा पहली पातशाही (Kanchipuram)

स्थान: कांचीपुरम, जिला चंगलपट्टू, तमिलनाडु

कांचीपुरम, जिसे ‘मंदिरों का शहर’ कहा जाता है, में स्थित यह गुरुद्वारा गुरु नानक देव जी के प्रथम आगमन की याद में बनाया गया है।

Gurudwara pehli Patshahi Kanchipuram
source: Google

महत्व:

  • यह स्थान गुरु नानक की पहली उदासी का साक्षी है।
  • यहाँ गुरु नानक जी ने स्थानीय संतों और विद्वानों से भेंट की।
  • गुरुद्वारे का निर्माण सिख संगतों ने उनके सम्मान में किया।

3. गुरुद्वारा पहली पातशाही (Trichanapalli)

स्थान: तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु

गुरु नानक जी की यात्रा के दौरान इस क्षेत्र में एक गुरुद्वारा बनाया गया था। हालांकि, समय के साथ यह गिर गया और अब कोई गुरुद्वारा वहाँ नहीं है।

4. गुरुद्वारा पहली पातशाही (Trivanmalay)

स्थान: तिरुवन्नामलाई, अरकत जिला, तमिलनाडु

तिरुवन्नामलाई, जो कि शैव पंथ का प्रमुख केंद्र है, में गुरु नानक देव जी का आगमन हुआ।

महत्व:

  • गुरु नानक यहाँ योगियों और साधुओं से मिलने आए थे।
  • यहाँ मंजी साहिब नामक स्मारक बनाया गया है।
  • यह स्थान बेंगलुरु से 210 किमी और चेन्नई से 185 किमी दूर स्थित है।

5. गुरुद्वारा टी नगर (Chennai)

स्थान: जी.एन. चेट्टी रोड, टी नगर, चेन्नई, तमिलनाडु

चेन्नई में स्थित यह गुरुद्वारा ऐतिहासिक नहीं है, लेकिन सिख समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल है।

Gurudwara T Nagar Chennai
Source: Google

इतिहास:

  • 1949 में लेफ्टिनेंट कर्नल गिल (पूर्व जेल महानिदेशक) द्वारा स्थापित किया गया।
  • यहाँ गुरु नानक, गुरु गोबिंद सिंह और गुरु अर्जुन देव के प्रकाश पर्व पर विशेष समारोह होते हैं।
  • यहाँ गुरु का लंगर (सामुदायिक भोजन सेवा) चलता है।
  • एक नि:शुल्क चिकित्सा केंद्र भी संचालित है।

संपर्क विवरण:

  • पता: 127/A, G.N. Chetty Road, T Nagar, Chennai – 600017, Tamil Nadu, India
  • फोन: 2834 3519 / 9509

6. गुरुद्वारा तिलगंज साहिब (Tilganji Sahib)

स्थान: पल्लीपुरम और कोट्टायम के पास, तमिलनाडु

गुरु नानक देव जी की यात्रा के दौरान इस स्थान का महत्व बढ़ा। यहाँ स्थानीय साधुओं ने गुरु जी को एक तिल का बीज दिया और कहा कि इसे कैसे साझा करेंगे। गुरु नानक ने उसे पानी में घोलकर सभी को बाँट दिया, जिससे उन्होंने साझेदारी और सामूहिकता का संदेश दिया।

gurudwara Tilganji Sahib
source: Google

7. गुरुद्वारा पहली पातशाही (Rameshwaram)

स्थान: रामेश्वरम, तमिलनाडु

गुरु नानक देव जी की याद में यहाँ गुरुद्वारा गुरु नानक उदासी मठ बनाया गया है।

महत्व:

  • यह गुरुद्वारा गुरु नानक जी के प्रथम आगमन की स्मृति को बनाए रखने के लिए बनाया गया।
  • यह स्थल सिखों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि गुरु नानक देव जी ने यहाँ अपने प्रवचनों के माध्यम से समानता और भाईचारे का संदेश दिया था।

तमिलनाडु में सिख गुरुद्वारों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

तमिलनाडु में स्थित ये गुरुद्वारे सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं हैं, बल्कि गुरु नानक जी की शिक्षाओं और उनके संदेशों को संरक्षित करने वाले ऐतिहासिक धरोहर भी हैं। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान सामाजिक समरसता, जातिगत भेदभाव के खिलाफ उपदेश दिए और लंगर जैसी परंपराएँ शुरू कीं।

कैसे पहुँचे?

  • सड़क मार्ग: चेन्नई और कांचीपुरम तक आसानी से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।
  • रेल मार्ग: अधिकांश स्थान प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़े हैं।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा चेन्नई (Madras) है।

तमिलनाडु में स्थित ये ऐतिहासिक गुरुद्वारे सिख धर्म के विस्तार और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के प्रमाण हैं। इन स्थानों पर जाकर भक्त उनकी शिक्षाओं को याद कर सकते हैं और सिख परंपरा को समझ सकते हैं। इन गुरुद्वारों का संरक्षण और प्रचार आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ गुरु नानक देव जी के उपदेशों से प्रेरणा ले सकें।

और पढ़ें: Sikhism in Argentina: 20वीं सदी की शुरुआत से लेकर आधिकारिक मान्यता तक, जानें अर्जेंटीना में आर्थिक सफलता की पूरी कहानी