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Iran Woman Naked Protest: ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन! महिला का नग्न होकर पुलिस वा...

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Iran Woman Naked Protest: ईरान में महिलाओं के लिए सख्त हिजाब नियमों और सामाजिक नियंत्रण के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर, मशहद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक महिला ने पूरी तरह से नग्न होकर पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना ईरान में महिलाओं के अधिकारों और हिजाब कानून के खिलाफ चल रहे व्यापक विरोध का हिस्सा बन गई है, जो कि पिछले कुछ सालों से लगातार समाज में हलचल पैदा कर रहा है।

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घटना का विवरण- Iran Woman Naked Protest

यह घटना 14 मई 2023 को मशहद शहर में हुई। महिला पहले पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी हुई, फिर अचानक उसने अपने कपड़े उतारे और नग्न होकर गाड़ी के बोनट पर चढ़ गई। महिला ने वहां विरोध किया और चिल्लाते हुए गाड़ी की विंडशील्ड पर बैठ गई। इस दौरान, आसपास कुछ लोग हथियारों के साथ नजर आए, और महिला के आसपास का माहौल तनावपूर्ण था। हालांकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें महिला की यह विरोध-प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रही है।

महिला का उद्देश्य

स्थानीय मीडिया के अनुसार, महिला का पति होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि उसे अब इलाज के लिए ले जाया गया है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि महिला ने सड़क पर नग्न प्रदर्शन क्यों किया। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि वह महिलाओं के लिए देश के सख्त ड्रेस कोड और हिजाब नियमों का विरोध कर रही थी। यह महिला ईरान में महिलाओं के अधिकारों की सख्ती से निगरानी करने वाले कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही थी।

ईरान में विरोध के स्वर

ईरान में महिलाओं के खिलाफ सामाजिक और धार्मिक प्रतिबंधों के विरोध में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। 2022 में महसा अमीनी नाम की एक 22 वर्षीय युवती को हिजाब कानून के उल्लंघन के आरोप में पुलिस हिरासत में लिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। महसा की मौत के बाद पूरे ईरान में महिलाएं हिजाब कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर आई थीं और कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। सरकार ने बलपूर्वक दमन की कार्रवाई की, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और उन पर अत्याचार किया गया।

इस नग्न प्रदर्शन ने महिलाओं के हिजाब विरोधी आंदोलन में और भी इजाफा किया है। इस विरोध का उद्देश्य केवल हिजाब पर प्रतिबंध को हटाना नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकारों को बहाल करना भी था। यह घटना महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम है, जो अब पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है।

ईरान के हिजाब कानून

ईरान में महिलाओं पर लगने वाले कड़े प्रतिबंधों के कारण, महिलाओं को हिजाब पहनने की अनिवार्यता का सामना करना पड़ता है। 2022 में एक नया विधेयक पास किया गया था, जिसमें यह बताया गया था कि यदि कोई महिला सार्वजनिक रूप से हिजाब पहनने के नियमों का उल्लंघन करती है तो उसे बिना किसी पूछताछ के गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को सख्त दंड का भी सामना करना पड़ता है।

हालांकि, दिसंबर 2022 में सरकार ने हिजाब कानून के कड़े प्रावधानों पर रोक लगाई थी, लेकिन महिलाओं का विरोध अभी भी जारी है।

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Sikhism in Fiji: फिजी में सिख समुदाय का ऐतिहासिक योगदान! कृषि, पुलिस सेवा, शिक्षा और ...

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Sikhism in Fiji: फिजी में सिख समुदाय का इतिहास और योगदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू है, जिसे अक्सर अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों के संदर्भ में ही देखा जाता है। फिजी में सिखों का आगमन मुख्य रूप से स्वतंत्र प्रवासियों के रूप में हुआ था, जबकि अधिकांश भारतीय आबादी के पूर्वज 1879 से 1916 के बीच फिजी में लाए गए थे, जब वे भारतीय श्रमिकों के रूप में यहाँ आए थे। फिजी में सिखों की संख्या लगभग 3,600 है, और यह समुदाय फिजी के कृषि, पुलिस सेवा, और शिक्षा में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।

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फिजी में सिखों का आगमन- Sikhism in Fiji

फिजी में सिखों का आगमन स्वतंत्र प्रवासियों के रूप में 1904 से 1930 के बीच हुआ था। सबसे पहले 70 पंजाबी सिखों का एक समूह न्यू कैलिडोनिया गया था, लेकिन वहां की खराब परिस्थितियों के कारण ये लोग फिजी आ गए। इन प्रवासियों में अधिकांश लोग पंजाब के जुल्लुंदर और होशियारपुर जिलों से थे। इन्हें उच्च वेतन की उम्मीद के साथ फिजी लाया गया था, लेकिन बाद में बहुत से लोग असंतुष्ट होकर भारत लौट गए।

Sikhism in Fiji Gurudvara
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सिख प्रवासियों के लिए फिजी एक दूसरे विकल्प के रूप में आया, क्योंकि उस समय कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दक्षिण एशियाई प्रवासियों पर प्रतिबंध लग रहे थे। इसके बाद, सिखों की बड़ी संख्या 1918 से 1930 के बीच फिजी आई, और उन्होंने मुख्य रूप से कृषि कार्य में अपने कदम जमाए।

सिखों का योगदान

सिख समुदाय ने फिजी में कई क्षेत्रों में अपना योगदान दिया, खासकर कृषि और पुलिस सेवा में। फिजी पुलिस में सिखों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, और वे भारत से विशेष रूप से हांगकांग और शंघाई से भर्ती किए गए थे। 1900 के दशक की शुरुआत में, सिख पुलिसकर्मी फिजी में आए और उन्होंने वहां की पुलिस सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भ्रष्टाचार से दूर रहे और एक अनुशासित पुलिस बल के रूप में जाने गए।

सिख एजुकेशनल सोसाइटी की स्थापना और सामाजिक योगदान

1960 में सिख एजुकेशनल सोसाइटी की स्थापना की गई थी, जिसका उद्देश्य फिजी में शिक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों का संचालन करना था। वहीं, फिजी सिख एसोसिएशन धार्मिक और सामुदायिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करता है। सिख समुदाय ने फिजी में कई गुरुद्वारे और शिक्षा संस्थाएं स्थापित की हैं, जैसे कि सुवा, नासिनु, लाउतोका, बा और लाबासा में गुरुद्वारे हैं। सुवा गुरुद्वारा, जिसे 1922 में स्थापित किया गया, सबसे पुराना है। इसके बाद, 1939 में नासिनु में श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा स्थापित किया गया, जो भारत से बाहर स्थापित पहला गुरुद्वारा था।

Sikhism in Fiji Gurudvara
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इसके अलावा, फिजी में खालसा नामक कई दुकानें, रेस्टोरेंट्स और यहां तक कि सड़कें भी हैं, जो सिख समुदाय की उपस्थिति को और मजबूत करती हैं।

सिखों की वर्तमान स्थिति और प्रवास

फिजी में सिख समुदाय की संख्या लगभग 4,000 है, जो कभी 10,000 के करीब थी, लेकिन बेहतर अवसरों के लिए कई सिखों ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और कनाडा में प्रवास किया। हालांकि, जो लोग फिजी में रह गए हैं, वे मेहनती, ईमानदार और समर्पित नागरिक बने हुए हैं। उन्होंने फिजी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, खासकर कृषि क्षेत्र में। 1984 में खालसा कॉलेज और खालसा प्राइमरी स्कूल के रजत जयंती समारोह में तत्कालीन उप प्रधानमंत्री रतु टोगनिवालू ने फिजी के सिख समुदाय को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया और कहा था कि सिख समुदाय इस देश में कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और उन्होंने फिजी की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है।

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Raj Kumar Rao Net Worth: राजकुमार राव ने खोला अपनी माली हालत का राज, बोले- “इतन...

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Raj Kumar Rao Net Worth: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजकुमार राव, जिन्होंने 2010 में फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ से अपने करियर की शुरुआत की थी, आज एक बड़े स्टार बन चुके हैं। ‘स्त्री 2’ जैसी हिट फिल्मों से उन्होंने साबित कर दिया कि वे बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक हैं। इस साल, ‘स्त्री 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर 453.60 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया, और उनके पास आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। इन सफलता की कहानियों के बीच, राजकुमार राव ने हाल ही में अपनी माली हालत पर एक पुरानी बातचीत के दौरान खुलकर बात की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

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राजकुमार राव ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि लोग उनके बारे में जितना समझते हैं, उतना पैसा उनके पास नहीं है। यह बयान उन्होंने ‘UNFILTERED by Samdish’ शो में सामदिश भाटिया के साथ बातचीत के दौरान दिया। इस शो में सामदिश ने उनसे उनकी कमाई के बारे में सवाल किया, जिस पर राजकुमार राव ने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में खुलकर बात की।

राजकुमार राव ने खुलासा किया कि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन … Raj Kumar Rao Net Worth

राजकुमार राव ने अपनी स्थिति के बारे में कहा, “यार, इतना पैसा नहीं है जितना लोग सोचते हैं। EMI चल रही है, मैंने घर लिया है और उसकी अच्छी-खासी EMI जा रही है। ऐसा नहीं है कि बिल्कुल पैसा नहीं है, लेकिन इतना भी नहीं कि जब मन किया, कुछ भी खरीद लिया।” उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी चीज की कीमत 6 करोड़ रुपये हो, तो वे बिना सोचे उसे नहीं खरीद सकते। इसका मतलब यह नहीं कि उनके पास पैसे की कमी है, लेकिन उन्हें खर्च करने से पहले सोचने की आदत है।

 

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50 लाख रुपये तक खरीद सकते हैं, लेकिन …

सामदिश भाटिया ने मजाकिया अंदाज में पूछा, “अगर चीज 50 लाख रुपये की हो तो?” इस सवाल पर राजकुमार राव ने हंसते हुए जवाब दिया, “हां, 50 लाख की हो तो खरीद सकते हैं, लेकिन इस पर चर्चा जरूर होगी। 20 लाख रुपये की चीज हो तो बिना सोचे खरीद सकते हैं।” इस बातचीत ने बॉलीवुड सितारों की असल वित्तीय स्थिति को लेकर एक चर्चा को जन्म दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है।

राजकुमार राव और पत्रलेखा का नया कदम: ‘KAMPA Films’

राजकुमार राव और उनकी पत्नी पत्रलेखा ने अपने करियर में एक नया कदम उठाया है। दोनों ने मिलकर अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस ‘KAMPA Films’ शुरू किया है। यह कदम उनके सिनेमा के प्रति गहरे इंटरेस्ट और कहानी कहने के जुनून को दर्शाता है। ‘KAMPA Films’ का नाम किसी मशहूर प्रोडक्शन हाउस की तरह उनके नाम पर नहीं रखा गया, बल्कि यह नाम उनके माता-पिता को समर्पित है और उनके नामों के शुरुआती अक्षरों से बना है।

 

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इस प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से राजकुमार राव और पत्रलेखा अपनी पसंद की कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने का लक्ष्य रखते हैं। इस नए प्रयास से वे न केवल फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपने कदम और मजबूत करना चाहते हैं, बल्कि बॉलीवुड में अपनी छाप छोड़ने के लिए एक नया रास्ता भी खोलना चाहते हैं।

राजकुमार राव की सफलता उनके कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह साबित किया है कि सच्ची सफलता सिर्फ नाम और प्रसिद्धि तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह असल जीवन की समझ और संतुलन बनाए रखने की भी जरूरत होती है। उनकी माली हालत के बारे में दिया गया बयान यह दिखाता है कि स्टार्स भी अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में सोच-समझ कर निर्णय लेते हैं। साथ ही, राजकुमार राव और पत्रलेखा का प्रोडक्शन हाउस एक नई दिशा में फिल्म उद्योग के लिए एक और कदम साबित हो सकता है।

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Premanand Maharaj Health News: प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद, स...

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Premanand Maharaj Health News: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा अब अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है। खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया है, जो उनके भक्तों के लिए एक बड़े सदमे के रूप में सामने आया है। इस संबंध में इंस्टाग्राम पर उनके शिष्यों ने आधिकारिक अकाउंट पर जानकारी शेयर की है। प्रेमानंद महाराज की तबीयत पिछले महीने बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, कुछ समय बाद उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ और उन्होंने अपनी पदयात्रा फिर से शुरू की थी, लेकिन अब फिर से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है।

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पदयात्रा के दौरान बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य समस्याएं- Premanand Maharaj Health News

प्रेमानंद महाराज, जो वृंदावन में श्री हित राधा केली कुंज की ओर तड़के 2 बजे पदयात्रा करते हुए भक्तों को दर्शन देते थे, अब यह अवसर भक्तों के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इस दौरान, सड़क के दोनों ओर लाखों की संख्या में भक्त खड़े होते थे, जो महाराज जी के दर्शन करने के लिए बेताब रहते थे। पदयात्रा के दौरान भक्तों की बढ़ती संख्या भी एक कारण बनी, जिसे महाराज जी के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना गया। उनके शिष्यों ने इंस्टाग्राम अकाउंट “भजनमार्ग ऑफिशियल” पर एक नोट शेयर करते हुए बताया कि पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। इसके बाद से भक्तों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करना शुरू कर दिया है।

प्रेमानंद महाराज की किडनी की बीमारी

प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी कई साल पहले ही फेल हो चुकी हैं और वे डायलिसिस पर हैं। इस बारे में एक भक्त के सवाल पर महाराज जी ने खुद बताया था कि उन्हें किडनी की समस्या के कारण ज्यादा पानी पीने की भी अनुमति नहीं है। डायलिसिस हर सप्ताह किया जाता है और डॉक्टर उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। यह बीमारी और डायलिसिस की प्रक्रिया प्रेमानंद महाराज के जीवन को चुनौतीपूर्ण बनाती है, फिर भी वे हमेशा अपने भक्तों के बीच खुश और सकारात्मक दिखाई देते हैं।

ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेमानंद महाराज ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से जूझ रहे हैं, जो एक ऐसी बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में आती है। इस बीमारी में किडनी का साइज नॉर्मल से बड़ा हो जाता है और इसके परिणामस्वरूप किडनी में पानी जमा होने लगता है। समय के साथ, यह पानी किडनी के काम करने की क्षमता को प्रभावित करता है। प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी लगभग 19 वर्षों से खराब हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हमेशा अपनी श्रद्धालुओं के लिए मुस्कान बनाए रखी। उनके भक्त इसे राधा रानी का चमत्कार मानते हैं कि वे इस बीमारी के बावजूद भी हमेशा खुश रहते हैं।

भक्तों का दुख और प्रार्थना

प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा और उनके दर्शन के लिए लाखों भक्त रोजाना वृंदावन पहुंचते थे। हालांकि, अब भक्तों के लिए उनके दर्शन का यह अवसर बंद हो गया है। लोग महाराज जी के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। यह निर्णय निश्चित रूप से उनके भक्तों के लिए एक कठिन समय है, क्योंकि उन्हें संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन का यह नियमित अवसर अब नहीं मिलेगा।

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Deoria Rape Case: ‘मुझसे दोस्ती कर लो…’ खाना बनाने वाली ने मना किया...

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Deoria Rape Case: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ गैंगरेप की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 4 फरवरी को महिला के साथ बलात्कारी कृत्य किया गया। आरोप है कि महिला रात के समय खाना बनाने के लिए घर से बाहर गई थी, तभी रूपेश सिंह और उसके साथी अभिमन्यु ने मिलकर उसे हवस का शिकार बनाया। घटना के बाद पीड़िता पुलिस थाने पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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घटना का विवरण- Deoria Rape Case

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता भलुअनी कस्बे में अपने मायके में रहती है और घरों में खाना बनाने का काम करती है। 4 फरवरी की शाम बलिया जिले के रेवती गांव का निवासी रूपेश सिंह महिला को अपने घर खाना बनाने के लिए बुला लेता है। जब महिला ने जाने से मना किया, तो रूपेश ने मछली का व्यवसाय करने वाले अपने दोस्त अभिमन्यु से फोन पर महिला की बात कराई। इसके बाद महिला खाना बनाने के लिए रूपेश के घर चली गई।

Deoria Rape Case Uttar Pradesh crime
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पीड़िता का आरोप है कि जब वह रूपेश के घर पहुंची, तो उसने महिला से कहा कि वह लव मैरिज कर चुका है और उसकी पत्नी साथ नहीं रहती है, इसलिए वह उसे अपनी दोस्त बना ले। महिला ने रूपेश के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन इसके बावजूद वह उसे जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा। इसी दौरान अभिमन्यु भी वहां पहुंच गया और उसने भी महिला के साथ रेप किया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

घटना के बाद, पीड़िता किसी तरह घटनास्थल से भाग कर पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने घटनास्थल का जायजा लिया और फोरेंसिक टीम को मौके पर भेजा। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

Deoria Rape Case Uttar Pradesh crime
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रूपेश सिंह और अभिमन्यु को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया है और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है।

पुलिस का बयान

पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने कहा, “हमने महिला से पूछताछ की और आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की। यह एक गंभीर मामला है और हम इसे पूरी गंभीरता से लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे।” पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ हर संभव साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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Bhishma Dwadashi 2025: कब है भीष्म द्वादशी 2025? जानें व्रत और पूजा विधि, शुभ मुहूर्त

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Bhishma Dwadashi 2025: महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह को प्राचीन काल में भगवान से यह वरदान प्राप्त था कि वे अपनी इच्छानुसार मृत्यु का समय चुन सकते हैं। भीष्म पितामह 58 दिनों तक बाणों की शय्या पर पड़े रहे, और जब उन्होंने देखा कि हस्तिनापुर सुरक्षित है, तब उन्होंने माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अपना प्राण त्याग दिया। इस दिन को भीष्म द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। इस बार भीष्म द्वादशी 9 फरवरी, रविवार को है। आइए जानते हैं इस दिन के व्रत और पूजा की विधि, शुभ मुहूर्त के बारे में।

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भीष्म द्वादशी का महत्व- Bhishma Dwadashi 2025

भीष्म द्वादशी को भीष्म पितामह की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया जाता है। महाभारत के अनुसार, जब शेख मुजीबुर्रहमान बांग्लादेश लौटे तो उन्होंने इसी घर से देश की नींव खड़ी की थी। इस दिन विशेष रूप से तर्पण और पिंडदान करना महत्वपूर्ण माना जाता है। पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने से सुख-सौभाग्य और धन-संतान आदि मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

Bhishma Dwadashi 2025 Bhishm Dwadashi 2025 Puja Vidhi
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भीष्म द्वादशी 2025 शुभ मुहूर्त

भीष्म द्वादशी के दिन पूजा के लिए कुछ खास शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

  • सुबह 08:30 से 09:53 तक
  • सुबह 09:53 से 11:17 तक
  • दोपहर 12:18 से 01:03 तक
  • दोपहर 02:04 से 03:28 तक

इन मुहूर्तों के दौरान पूजा और व्रत करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

पूजा विधि (Bhishma Dwadashi Puja Vidhi)

  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें: इस दिन की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करने से होती है। उसके बाद हाथ में जल और चावल लेकर भीष्म द्वादशी व्रत-पूजा का संकल्प लें।
  2. भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा: दिन में किसी भी समय भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा में फल, पंचामृत, सुपारी, पान, दूर्वा आदि चढ़ाएं।
Bhishma Dwadashi 2025 Bhishm Dwadashi 2025 Puja Vidhi
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  1. भोग अर्पित करें: भगवान को घर में बने पकवानों का भोग अर्पित करें। इसके बाद ब्राह्मणों को दान और दक्षिणा दें। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  2. पिंडदान और तर्पण करें: इसके बाद किसी नदी के तट पर या घर पर ही योग्य विद्वान के माध्यम से भीष्म पितामाह के निमित्त तर्पण और पिंडदान करें। इस दिन तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

भीष्म अष्टमी का महत्व

हिंदू धर्म में माघ माह का विशेष महत्व है, और इस माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन पितृ तर्पण और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही, इस दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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Jaipur News: जयपुर के बस्सी इलाके में मोबाइल फोन की वजह से किशोरी ने की आत्महत्या, पू...

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Jaipur News: जयपुर के बस्सी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 17 वर्षीय किशोरी ने मोबाइल फोन नहीं मिलने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार सुबह की है, जब परिवार के अन्य सदस्य काम पर गए हुए थे। किशोरी का परिवार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है और वर्तमान में बस्सी के रीको औद्योगिक क्षेत्र में रहता है।

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मोबाइल को लेकर परिजनों से विवाद- Jaipur News

पुलिस के मुताबिक, किशोरी कुछ दिनों से मोबाइल फोन को लेकर अपने परिवार से नाराज थी। मंगलवार को उसने फिर से मोबाइल फोन मांगा, लेकिन परिजनों ने उसे देने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि वे अपनी बेटी के भले के लिए ही उसे मोबाइल फोन नहीं दे रहे थे। हालांकि, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मोबाइल की वजह से उनकी बेटी इतना गंभीर कदम उठा लेगी।

Jaipur News teenage girl suicide
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खौफनाक कदम से पहले कमरे में बंद हुई किशोरी

घटना के समय किशोरी अपने घर पर ट्यूशन पढ़ा रही थी। बच्चों को पढ़ाते हुए उसने अचानक कहा कि उसकी तबियत ठीक नहीं है और बच्चों को छुट्टी दे दी। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। जब उसकी छोटी बहन खेलने के बाद घर लौटी और कमरे का दरवाजा बंद पाया, तो उसे शक हुआ। उसने दरवाजे के साइड में थोड़ी जगह देखी और कुंदी खोलकर अंदर झांका। अंदर का दृश्य देखकर वह दंग रह गई – उसकी बहन फांसी के फंदे से लटक रही थी।

Jaipur News teenage girl suicide
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अस्पताल में मौत की पुष्टि

छोटी बहन ने घटना की सूचना आस-पास के लोगों को दी। इसके बाद, परिजन मौके पर पहुंचे और किशोरी को बस्सी के उप जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आत्महत्या के पीछे कोई और वजह तो नहीं थी।

परिवार में शोक की लहर

परिवार के सदस्य इस घटना से गहरे सदमे में हैं। उनके मुताबिक, किशोरी के मोबाइल के लिए दबाव डालने की वजह से ही उसने आत्महत्या का कदम उठाया। परिजनों ने बताया कि वे उसकी भलाई के लिए ही उसे मोबाइल नहीं दे रहे थे, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि मोबाइल को लेकर यह विवाद इतना बढ़ जाएगा। अब, पुलिस मामले की जांच कर रही है, ताकि सच्चाई का पता चल सके।

यह घटना मोबाइल फोन की अहमियत और उसके सही उपयोग को लेकर एक गंभीर सवाल उठाती है, जो हमारे समाज में किशोरों और उनके परिवारों के बीच विवादों का कारण बन रही है।

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Sheikh Hasina News: बांग्लादेश में शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर हमला, शेख हसीना ने पा...

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Sheikh Hasina News: बांग्लादेश में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बुधवार रात बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर्रहमान के ऐतिहासिक आवास को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। यह घटना ढाका के धनमंडी-32 स्थित घर पर हुई, जो बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल था। इस घटना पर बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना का हवाला दिया और इस हमले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

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शेख हसीना का बयान- Sheikh Hasina News

शेख मुजीबुर रहमान की बेटी शेख हसीना ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि धानमंडी-32 आवास उनके लिए सिर्फ एक घर नहीं बल्कि बांग्लादेश की आजादी का प्रतीक है। शेख हसीना ने याद करते हुए कहा कि इसी घर से शेख मुजीबुर्रहमान ने आजादी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। शेख हसीना ने कहा, “यह वही घर है, जहां से शेख मुजीबुर्रहमान को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने कभी इस घर को न तो ढहाया और न ही इसे आग के हवाले किया।” शेख हसीना ने यह भी कहा कि जब शेख मुजीबुर्रहमान बांग्लादेश लौटे, तो उन्होंने इसी घर से देश की नींव रखी थी।

शेख हसीना ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने कभी भी प्रेसिडेंशियल पैलेस में शिफ्ट होने की योजना नहीं बनाई और न ही प्रधानमंत्री आवास में रहने का सोचा। वह हमेशा अपने पिता के ऐतिहासिक घर में ही रहती थीं, और यहीं पर उनके पूरे परिवार को हत्या का शिकार बनाया गया था।

शेख हसीना का फेसबुक लाइव

इस हमले के बाद शेख हसीना ने फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी के संवाददाताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “अगर अल्लाह ने मुझे और मेरी बहन को इन हमलों के बावजूद जिंदा रखा है, तो इसका मतलब है कि मुझे कुछ बड़ा काम करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता तो मैं इतनी बार मौत को कैसे मात दे देती?” उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में चलाया गया यह आंदोलन दरअसल उनके और उनकी बहन की हत्या करने के लिए था।

घर पर हुए हमले पर सवाल

शेख हसीना ने घर पर हुए हमले पर सवाल उठाते हुए कहा, “इस घर को क्यों जलाया गया? क्या मैंने बांग्लादेश के लिए कुछ नहीं किया?” उन्होंने इस हमले को बांग्लादेश के लिए अपमान बताया और कहा, “इतिहास को जलाया जा सकता है, लेकिन उसे मिटाया नहीं जा सकता।” शेख हसीना ने यह भी कहा कि उनके पास इतनी ताकत नहीं है कि वह राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और बांग्लादेश की आजादी को बुलडोजर से नष्ट कर सकें। “वे घर को ढहा सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं। इतिहास अपना बदला लेता है,” हसीना ने कहा।

प्रदर्शन और तोड़फोड़

बांग्लादेश में बुधवार रात को प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने शेख मुजीबुर्रहमान के घर को बुलडोजर से ढहा दिया और आग लगा दी। यह घटना बांग्लादेश की राजनीति में एक और गंभीर संकट का संकेत है, जो लंबे समय से चल रहे राजनीतिक असंतोष और संघर्ष का परिणाम प्रतीत हो रही है।

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Delhi Exit Poll 2025 Results: एग्जिट पोल्स से भाजपा को बढ़त, AAP को बड़ा झटका, कांग्र...

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Delhi Exit Poll 2025 Results: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के बाद आए एग्जिट पोल्स ने राजधानी की सियासत में हलचल मचा दी है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को इन एग्जिट पोल्स से बड़ा झटका लगा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 26 साल बाद दिल्ली में सत्ता वापसी की उम्मीद दिखाई जा रही है। एग्जिट पोल्स के मुताबिक, अधिकांश सर्वेक्षणों ने भाजपा को बहुमत की ओर बढ़ते हुए दिखाया है, जबकि आम आदमी पार्टी को अपनी सत्ता बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

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एग्जिट पोल्स की तस्वीर- Delhi Exit Poll 2025 Result

सर्वेक्षणों के मुताबिक, भाजपा को दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 35 से लेकर 60 सीटों तक मिलने की संभावना जताई गई है। कुछ प्रमुख एजेंसियों जैसे ‘मैट्रिक्स’, ‘पी-मार्क’, और ‘पीपुल्स इनसाइट’ ने भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान व्यक्त किया है। उदाहरण के लिए, ‘मैट्रिक्स’ ने भाजपा को 39 से 35 सीटों तक जीतने का अनुमान जताया, वहीं ‘पीपुल्स प्लस’ ने भाजपा को 51 से 60 सीटों तक जीतने की संभावना व्यक्त की है। इन सर्वेक्षणों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी को 10 से लेकर 32 सीटों तक मिलने का अनुमान है, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

Delhi Exit Poll 2025 BJP
source: google

कांग्रेस की स्थिति इन सर्वेक्षणों में बेहद कमजोर नजर आई है। अधिकांश एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस को एक या दो सीटों तक सिमित कर दिया है, जिससे पार्टी की दिल्ली में फिर से वापसी की उम्मीदें और भी फीकी हो गई हैं। ‘पी-मार्क’ और ‘चाणक्य स्ट्रैटेजीज’ के एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस को शून्य से दो सीटों तक सिमित किया है, जबकि ‘पीपुल्स इनसाइट’ ने भी कांग्रेस को केवल 0 से 2 सीटें मिलने की संभावना जताई है।

मतदाताओं में बंटवारा

इस बार के चुनाव में दिल्ली के मतदाताओं में एक दिलचस्प बंटवारा देखने को मिला। चुनावी विश्लेषक यशवंत देशमुख ने बताया कि इस बार के चुनाव में पुरुषों ने भाजपा को और महिलाओं ने आम आदमी पार्टी को अधिक समर्थन दिया। इसके बावजूद, ज्यादातर सर्वेक्षणों में भाजपा को सत्ता में वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

Delhi Exit Poll 2025 BJP
source: google

आम आदमी पार्टी का बयान

आम आदमी पार्टी ने एग्जिट पोल्स के नतीजों को खारिज करते हुए कहा कि सर्वेक्षणों ने उनके प्रदर्शन को गलत तरीके से आंकलन किया है। पार्टी ने दावा किया है कि पिछली बार भी एग्जिट पोल्स में पार्टी के लिए नकारात्मक अनुमान लगाए गए थे, लेकिन अंततः पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया और सत्ता में आई। AAP नेता सुशील गुप्ता ने कहा कि पार्टी का विश्वास वोट प्रतिशत पर है, जो 2015 के मुकाबले लगभग समान है।

भाजपा का उत्साह

भाजपा के उम्मीदवार और पार्टी के नेता एग्जिट पोल्स में अपनी जीत को लेकर उत्साहित हैं। भाजपा नेता सतीश उपाध्याय ने कहा कि दिल्ली में कमल खिलेगा और पार्टी सरकार बनाएगी। भाजपा के प्रवेश वर्मा ने भी दावा किया कि 8 फरवरी को नतीजे भाजपा के पक्ष में आएंगे और दिल्ली में सुशासन की शुरुआत होगी।

कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन

कांग्रेस के लिए यह चुनाव एक और झटका साबित हो सकता है। पिछले दो चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था, और इस बार भी पार्टी को एग्जिट पोल्स में शून्य से दो सीटों के बीच सिमित किया गया है। कस्तूरबा नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक दत्त ने कहा कि वह एग्जिट पोल्स में विश्वास नहीं करते और उनका मानना है कि उनकी टीम ने कड़ी मेहनत की है, जो चुनाव के परिणामों में दिखेगा।

8 फरवरी का इंतजार

सभी एग्जिट पोल्स के परिणामों के बावजूद, असली परिणाम 8 फरवरी को सामने आएंगे, जब मतगणना होगी। दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाली वोटों की गिनती और परिणाम से यह तय होगा कि दिल्ली की सत्ता में कौन आएगा।

हालांकि एग्जिट पोल्स ने भाजपा की वापसी की संभावना जताई है, लेकिन दिल्ली की राजनीति में हमेशा उलटफेर होते रहे हैं। आम आदमी पार्टी का विश्वास अपनी कार्यप्रणाली और सरकार के कामकाज में है, जबकि भाजपा इस बार पूरी ताकत से दिल्ली में वापसी के लिए तैयार है। कांग्रेस के लिए यह एक और कठिन परीक्षा हो सकती है। दिल्ली की राजनीति में अब तक के एग्जिट पोल्स के बाद, सभी की निगाहें 8 फरवरी के चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।

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SP leader Pradeep Yadav missing: ‘शराब बांट रहे हो, अखिलेश भी नहीं बचा पाएंगे&#...

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SP leader Pradeep Yadav missing: अयोध्या के मिल्कीपुर में एक विवाद के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता प्रदीप यादव लापता हो गए हैं। आरोप है कि प्रदीप यादव को अयोध्या के एक दरोगा ने फोन पर धमकी दी और अपमानित किया। इसके बाद सपा नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपनी जान को खतरा बताया और कहा कि उनकी मौत का जिम्मेदार SO देवेंद्र पांडेय होंगे।

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सपा नेता की पोस्ट और लापता होने की खबर- SP leader Pradeep Yadav missing

प्रदीप यादव के परिवार का कहना है कि जब वह वोट डालने जा रहे थे, तब उनके पास SO देवेंद्र पांडे का फोन आया। आरोप है कि फोन पर दरोगा ने प्रदीप यादव पर शराब बांटने का आरोप लगाया और गाली-गलौज की। इसके बाद, प्रदीप यादव ने एक फेसबुक पोस्ट डाला, जिसमें उन्होंने लिखा, “दरोगा ने मेरी मृत मां को गाली दी है। अब जीने का कोई मतलब नहीं है। मेरी मौत के जिम्मेदार SO देवेंद्र पांडे होंगे।” इसके बाद से वह लापता हो गए हैं।

आरोपित दरोगा और सपा नेता के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल

इस पूरे मामले से जुड़ा एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें दरोगा प्रदीप यादव से अपमानजनक भाषा में बात कर रहा है। ऑडियो में दरोगा यह कहते हुए सुनाई दे रहा है:

प्रदीप: हैलो! जी सर

एसओ: बहुत दारू-वारू बांट रहे हो।

प्रदीप: कहां हम दारू बांट रहे हैं सर।

एसओ: अरे प्रदीप, मैं तुमको कितनी बार चेतावनी दे चुका हूं।

प्रदीप: अरे सर, मैं घर पर हूं, ऑन कैमरा घर पर बैठा हूं।

एसओ: चुप मारकर शांत हो जाओ, जो मैं बतला रहा हूं। आप एक शब्द छिपा नहीं सकते हो।

प्रदीप: कहीं नहीं सर, ऐसी कोई बात नहीं है।

एसओ: दिमाग मत खराब हो। अरे सर आप…मैं प्रमाण के साथ बोल दूंगा, फिर ऐसी तैसी कर दूंगा। कोई साला तुमको नहीं बचाएगा। बहुत अखिलेश यादव के गोद में जाकर बैठे रहे हो, मिलकर आए हो।

प्रदीप: नहीं सर, मैं तो विधायक रामचंद्र यादव के साथ कल रात में था।

एसओ: मिट्‌टी में मिला दूंगा। गाली….डेढ़ सौ मोटरसाइकिल भेजे हो। छिपाओ मत हमको, मुझे पढ़ाने का प्रयास मत कर… फिर से गाली

सपा का अल्टीमेटम और पुलिस का जवाब

इस घटना के बाद सपा ने अयोध्या पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने कहा कि अगर प्रदीप यादव को कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार अयोध्या पुलिस और SO देवेंद्र पांडे होंगे। सपा ने यूपी के डीजीपी से मामले को तुरंत संज्ञान में लेने की मांग की है।

परिवार का बयान

प्रदीप यादव की पत्नी, जिला पंचायत सदस्य कौशल्या यादव ने कहा कि प्रदीप यादव वोट डालने के लिए घर से बाहर जा रहे थे, तभी उन्हें SO देवेंद्र पांडे का फोन आया। कौशल्या यादव ने बताया कि फोन पर SO ने गालियां दीं और शराब बांटने का आरोप लगाया। इसके बाद प्रदीप यादव कमरे में मोबाइल छोड़कर बाहर गए, और फिर लापता हो गए।

सपा की चेतावनी

सपा ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदीप यादव को कुछ भी हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अयोध्या पुलिस और SO देवेंद्र पांडे की होगी। पार्टी ने यूपी के डीजीपी से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।

इस मामले ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है और अब यह देखना होगा कि पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।

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