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Ghaziabad News: गाजियाबाद में वकीलों का हाई-वोल्टेज ड्रामा! सेल टैक्स कार्यालय में मह...

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Ghaziabad News: गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित सेल टैक्स कार्यालय में मंगलवार को एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब दो अधिवक्ताओं—एक महिला और एक पुरुष—के बीच तीखी बहस हाथापाई में बदल गई। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दोनों पक्षों को एक-दूसरे के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है। मामले में दोनों वकीलों ने साहिबाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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कैसे शुरू हुआ विवाद? (Ghaziabad News)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवाद सेल टैक्स विभाग द्वारा एक ट्रक जब्त करने के बाद शुरू हुआ। जब्त ट्रक की रिहाई के लिए कानूनी सहायता देने के उद्देश्य से पुरुष अधिवक्ता संदीप चौधरी ने ट्रक चालक से बातचीत शुरू की। उसी दौरान, महिला अधिवक्ता संदीपा दुहान ने भी ट्रक चालक को अपने क्लाइंट के रूप में लेने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही तीखी बहस और फिर हाथापाई में बदल गई।

जब विवाद ने लिया हिंसक रूप

विवाद इतना बढ़ गया कि संदीपा दुहान ने संदीप चौधरी का कॉलर पकड़ लिया और थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी, जिससे कार्यालय में तनावपूर्ण माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद, दोनों पक्ष साहिबाबाद थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।

एसीपी साहिबाबाद रजनीश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस को दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच जारी है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महिला वकील ने लगाए गंभीर आरोप

इस घटना के वीडियो में नजर आ रही महिला अधिवक्ता संदीपा दुहान ने आरोप लगाया कि संदीप चौधरी ने उनके साथ छेड़खानी की और मारपीट की। उनका कहना है कि संदीप ने पुरुषों की तरह उन पर घूंसे बरसाए, जिससे उनका सिर फट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

पुरुष वकील ने दी सफाई

वहीं, एडवोकेट संदीप चौधरी ने महिला वकील पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला अधिवक्ता ने उनके साथ बदसलूकी की और जबरदस्ती मारपीट शुरू की। उनका दावा है कि संदीपा ने उनका कॉलर पकड़ा, थप्पड़ मारा और उनके प्राइवेट पार्ट्स पर लात मारी। संदीप का कहना है कि वह पहले महिला वकील के साथ मिलकर काम करते थे, लेकिन अलग होकर खुद वकालत का काम करने लगे। उनका आरोप है कि महिला वकील उन्हें काम करने से रोकती थीं और आए दिन झगड़े का माहौल बनाती थीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस घटना के तीन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

  • एक वीडियो में महिला वकील पुरुष अधिवक्ता का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारती दिख रही हैं।
  • दूसरे वीडियो में महिला वकील को कुछ लोगों पर लात-घूंसे बरसाते हुए देखा जा सकता है।
  • तीसरे वीडियो में पुरुष वकील को महिला वकील पर हमला करते हुए दिखाया गया है, जबकि कुछ लोग बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह वीडियो कानूनी समुदाय और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। कुछ लोग महिला अधिवक्ता का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे पुरुष अधिवक्ता के खिलाफ साजिश बता रहे हैं।

पुलिस जांच में जुटी, होगी कानूनी कार्रवाई

ट्रांस-हिंडन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि दोनों अधिवक्ता अपने-अपने क्लाइंट के साथ जीएसटी कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन क्लाइंट को लेकर विवाद हुआ और यह झगड़े में बदल गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानूनी समुदाय में नाराजगी

इस घटना ने कानूनी समुदाय में हलचल मचा दी है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि यह घटना अधिवक्ताओं की गरिमा के खिलाफ है और ऐसे मामलों से न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। कई वकीलों ने इस घटना को लेकर अखिल भारतीय बार काउंसिल से संज्ञान लेने की मांग की है।

गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित सेल टैक्स कार्यालय में वकीलों के बीच हुआ यह विवाद कानूनी पेशे की मर्यादा पर सवाल खड़े करता है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।

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IPS Ajay Raj Sharma Death: STF के संस्थापक और अपराधियों के खौफ बने जांबाज अफसर को अंत...

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IPS Ajay Raj Sharma Death: पूर्व आईपीएस अधिकारी अजय राज शर्मा का सोमवार देर रात ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह कई बीमारियों से ग्रस्त थे और 25 जनवरी से अस्पताल में भर्ती थे। उनके पुत्र यश शर्मा ने बताया कि उनके पिता को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और वह मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थे।

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प्रारंभिक जीवन और शिक्षा- IPS Ajay Raj Sharma Death

अजय राज शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक जमींदार परिवार में हुआ था। उन्होंने देहरादून के सेंट जोसेफ एकेडमी से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1965 में स्नातक और परास्नातक की डिग्री हासिल की। 1966 में, उन्होंने अपने पहले प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए।

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चंबल के डाकुओं के खिलाफ अभियान

1970 के दशक में, चंबल घाटी डाकुओं के आतंक से ग्रस्त थी। अजय राज शर्मा ने लज्जाराम पंडित और कुंवरजी गड़रिया जैसे कुख्यात डकैतों के खिलाफ 22 घंटे लंबी मुठभेड़ का नेतृत्व किया, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस अभियान ने उन्हें प्रदेश में प्रसिद्धि दिलाई और अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ बढ़ाया।

विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की स्थापना

1990 के दशक के अंत तक, उत्तर प्रदेश में माफिया राज अपने चरम पर था। श्रीप्रकाश शुक्ला जैसे अपराधी खुलेआम हत्याएं कर रहे थे और यहां तक कि तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी भी ली गई थी। इस चुनौती का सामना करने के लिए, अजय राज शर्मा ने विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया, जिसने श्रीप्रकाश शुक्ला को 1998 में नोएडा में एक मुठभेड़ में मार गिराया।

दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यकाल

उनकी उपलब्धियों के कारण, तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने नियमों में बदलाव करके उन्हें 1999 में दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किया। वह पहले अधिकारी थे जिन्हें अन्य कैडर से दिल्ली पुलिस आयुक्त बनाया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले जैसे महत्वपूर्ण मामलों को संभाला।

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मैच फिक्सिंग स्कैंडल का पर्दाफाश

दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में, अजय राज शर्मा ने क्रिकेट में हो रही मैच फिक्सिंग की जांच का नेतृत्व किया और इस नेक्सस का पर्दाफाश किया, जिससे भारतीय क्रिकेट में सफाई का मार्ग प्रशस्त हुआ।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक

दिल्ली पुलिस आयुक्त के बाद, उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के रूप में भी सेवा की और 2004 में सेवानिवृत्त हुए।

निधन और अंतिम संस्कार

अजय राज शर्मा का 10 फरवरी 2025 को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी नीरजा और दो पुत्र गौरव शर्मा और यश शर्मा हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।

पुलिस सेवा में योगदान

अजय राज शर्मा को एक दृढ़ और समर्पित पुलिस अधिकारी के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपने करियर में अपराध और आतंक के खिलाफ महत्वपूर्ण लड़ाई लड़ी। उनकी नेतृत्व क्षमता और नवाचारों ने भारतीय पुलिस सेवा में एक नई दिशा प्रदान की।

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Amanatullah Khan News: AAP विधायक अमानतुल्लाह खान पर संगीन आरोप, गिरफ्तारी के लिए पुल...

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Amanatullah Khan News: दिल्ली के ओखला विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान एक बार फिर कानूनी समस्याओं में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक वांछित अपराधी, शाहबाज खान, को पुलिस हिरासत से भगाने में मदद की। इस घटना के बाद से अमानतुल्लाह खान फरार हैं, और दिल्ली पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।

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घटना का विवरण- Amanatullah Khan News

सोमवार, 10 फरवरी 2025 को, दिल्ली पुलिस की एक टीम जामिया नगर इलाके में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत वांछित अपराधी शाहबाज खान को गिरफ्तार करने पहुंची। शाहबाज पर जनवरी 2018 में आपसी रंजिश के चलते तीन लोगों पर हमला करने का आरोप है, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था। गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत मिली, लेकिन वह अदालत की तारीखों और पुलिस समन की अवहेलना कर रहा था।

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पुलिस के अनुसार, जब टीम शाहबाज से पूछताछ कर रही थी, तभी अचानक कुछ लोग वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों से सवाल करने लगे। उन्होंने शाहबाज को खींचकर पुलिस हिरासत से बाहर निकाल लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। इन लोगों ने दावा किया कि वे अमानतुल्लाह खान के समर्थक हैं, और विधायक भी पास ही मौजूद हैं। इस हंगामे का फायदा उठाकर शाहबाज फरार हो गया।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद, पुलिस ने अमानतुल्लाह खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 186 (सरकारी कार्य में बाधा), 353 (सरकारी कर्मचारी पर हमला), 221 (कस्टडी से भागने में मदद) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी साउथईस्ट रवि कुमार सिंह ने कहा, “शाहबाज वांछित अपराधी है। क्राइम ब्रांच की एक टीम उसे गिरफ्तार करने गई थी। पूछताछ के दौरान, अमानतुल्लाह खान अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और उसे भगा दिया। यह स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य में बाधा है।”

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पुलिस ने अमानतुल्लाह खान के निवास पर भी छापा मारा, लेकिन वह वहां नहीं मिले। क्राइम ब्रांच और साउथईस्ट डिस्ट्रिक्ट की टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि विधायक अमानतुल्लाह खान किसी भी वक्त गिरफ्तार हो सकते हैं।

विधायक का पक्ष

अमानतुल्लाह खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस को एक पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और न्याय की मांग की है।

पिछले विवाद

यह पहली बार नहीं है जब अमानतुल्लाह खान कानूनी विवादों में फंसे हैं। सितंबर 2024 में, उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली वक्फ बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। नवंबर 2024 में उन्हें अदालत से जमानत मिली थी।

इस घटना के बाद, राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। अमानतुल्लाह खान के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं, और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। आगे की जांच और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। फिलहाल, दिल्ली की राजनीति में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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Pujari Satyendra Das passed away: राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का न...

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Pujari Satyendra Das passed away: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बुधवार सुबह लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि 3 फरवरी को ब्रेन हेमरेज होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह लंबे समय से मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से भी पीड़ित थे।

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अयोध्या में शोक की लहर, अंतिम संस्कार कल- Pujari Satyendra Das passed away

आचार्य सत्येंद्र दास के निधन की खबर सुनते ही अयोध्या के संत समाज और मंदिरों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके शिष्य प्रदीप दास ने बताया कि लंबी बीमारी के बाद उन्होंने सुबह करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर PGI से अयोध्या लाया जा रहा है, जहां 13 फरवरी को उनका अंतिम संस्कार सरयू नदी के किनारे किया जाएगा।

33 साल तक रामलला की सेवा की

आचार्य सत्येंद्र दास ने करीब 33 साल तक राम जन्मभूमि मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा की। फरवरी 1992 में जब विवादित ढांचे को लेकर प्रशासन ने नियंत्रण लिया, तब रामलला के पुराने पुजारी महंत लालदास को हटाने की चर्चाएं हुईं। इसके बाद 1 मार्च 1992 को बीजेपी सांसद विनय कटियार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता अशोक सिंघल की सहमति से सत्येंद्र दास को मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया था।

योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा,
“परम रामभक्त, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है।”

संस्कृत में उच्च शिक्षा प्राप्त थी

आचार्य सत्येंद्र दास का जन्म 20 मई 1945 को उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में हुआ था। उन्होंने 1975 में संस्कृत विद्यालय से आचार्य की डिग्री प्राप्त की और 1976 में अयोध्या के संस्कृत महाविद्यालय में व्याकरण विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त हुए। वहां 2007 तक सेवा देने के बाद वे पूर्ण रूप से रामलला की सेवा में लग गए।

राम मंदिर आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

6 दिसंबर 1992 को बाबरी विध्वंस के दौरान, सत्येंद्र दास ने रामलला की मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने खुद बताया था कि जब ढांचा गिरने लगा, तब उन्होंने रामलला, भरत और शत्रुघ्न भगवान की मूर्तियों को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

वेतन में हुआ था बदलाव

1992 में जब सत्येंद्र दास को मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया, तब उन्हें मासिक वेतन केवल 100 रुपये मिलता था। 2018 तक उनका वेतन 12,000 रुपये प्रति माह था, जिसे 2019 में 13,000 रुपये प्रति माह किया गया।

धार्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति

आचार्य सत्येंद्र दास की सादगी और धार्मिक ज्ञान के कारण वह अयोध्या के संत समाज में विशेष रूप से सम्मानित थे। उनके निधन से धार्मिक जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है। उनका अंतिम संस्कार कल (13 फरवरी) अयोध्या के सरयू घाट पर संपन्न होगा।

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Mohit Suri Career: बॉलीवुड के साइलेंट हिटमेकर, जिन्होंने श्रद्धा कपूर को बनाया स्टार,...

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Mohit Suri Career: बॉलीवुड में डायरेक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। जहां एक एक्टर अपनी ही फिल्म को हिट करा सकता है, वहीं एक डायरेक्टर कई एक्टर्स के करियर को संवार सकता है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई निर्देशक हुए हैं, जिन्होंने अपने अनोखे अंदाज और बेहतरीन निर्देशन से बड़े सितारों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मोहित सूरी भी उन्हीं में से एक हैं।

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करीब 20 सालों से फिल्म निर्देशन कर रहे मोहित सूरी ने कई अभिनेताओं को पहचान दिलाई और उनके करियर को एक नई दिशा दी। उन्होंने लेखन और निर्देशन दोनों में हाथ आजमाया और सफलता की कई कहानियां लिखीं। आइए जानते हैं कि आजकल मोहित सूरी क्या कर रहे हैं और उनका आलिया भट्ट से क्या रिश्ता है।

इमरान हाशमी के करियर को संवारा- Mohit Suri Career

मोहित सूरी और इमरान हाशमी की जोड़ी बॉलीवुड में सबसे सफल निर्देशक-अभिनेता जोड़ियों में से एक रही है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2005 में फिल्म “ज़हर” से की थी, जिसमें उन्होंने इमरान हाशमी को बतौर लीड एक्टर लिया।

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इस फिल्म ने ना सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि इमरान हाशमी के करियर को भी एक नई ऊंचाई दी। मोहित सूरी बॉलीवुड में एक नए ट्रेंड को लेकर आए, जहां फिल्मों में इंटीमेट सीन और बोल्ड कंटेंट को ज्यादा तवज्जो दी गई।

इसके बाद उन्होंने इमरान हाशमी के साथ कई हिट फिल्में बनाईं, जैसे: कलयुग (2005), आवारापन (2007),  क्रूक (2010), राज 2 (2009), मर्डर 2 (2011), हमारी अधूरी कहानी (2015)

इन्हीं फिल्मों के कारण इमरान हाशमी को “सीरियल किसर” की पहचान मिली। मोहित सूरी और इमरान हाशमी की इस जोड़ी ने दर्शकों को कई यादगार फिल्में दीं, जो आज भी लोगों को पसंद हैं।

श्रद्धा कपूर को दिया करियर का सबसे बड़ा ब्रेक

आज श्रद्धा कपूर बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में से एक हैं, लेकिन उनका करियर बनाने में मोहित सूरी की भूमिका बहुत बड़ी रही है। श्रद्धा को पहली बड़ी सफलता 2013 में आई फिल्म “आशिकी 2” से मिली, जिसे मोहित सूरी ने डायरेक्ट किया था।

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इस फिल्म में आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर की रोमांटिक केमिस्ट्री ने युवाओं को बेहद प्रभावित किया। फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट हुआ और यह बॉक्स ऑफिस पर बड़ा ब्लॉकबस्टर साबित हुई।

श्रद्धा कपूर की एक्टिंग को आशिकी 2 के बाद इंडस्ट्री में एक नई पहचान मिली और वे देखते ही देखते सफल अभिनेत्रियों की लिस्ट में शामिल हो गईं।

आलिया भट्ट से क्या है रिश्ता?

बॉलीवुड के कई बड़े परिवारों की तरह, मोहित सूरी का भी फिल्मी दुनिया से गहरा नाता है। मोहित सूरी, भट्ट फैमिली का हिस्सा हैं और वे आलिया भट्ट के फर्स्ट कजिन हैं। उनका नाता बॉलीवुड की प्रसिद्ध भट्ट फैमिली से है, जिसने हिंदी सिनेमा को कई बड़े कलाकार और फिल्में दी हैं। उन्होंने अपने करियर में कई बार भट्ट कैंप की फिल्मों से जुड़कर काम किया है।

मोहित सूरी अब कहां हैं?

मोहित सूरी अभी भी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्ट्रेस उदिता गोस्वामी से शादी की है, जो खुद भी एक जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं। उनकी पिछली फिल्म “एक विलेन रिटर्न्स” (2022) थी, जिसमें अर्जुन कपूर, जॉन अब्राहम, दिशा पाटनी और तारा सुतारिया ने मुख्य भूमिका निभाई थी। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी और उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। लेकिन अब मोहित सूरी बॉलीवुड में एक बड़ी वापसी की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो वे 2025 में एक बड़े अनटाइटल्ड प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

मोहित सूरी: बॉलीवुड के साइलेंट हिटमेकर

मोहित सूरी उन डायरेक्टर्स में से हैं जो ज्यादा लाइमलाइट में नहीं रहते, लेकिन उनकी फिल्में हमेशा चर्चा का विषय बनती हैं। उनकी फिल्मों में जबरदस्त म्यूजिक, रोमांटिक और इमोशनल कहानी और दमदार परफॉर्मेंस का मेल देखने को मिलता है। उन्होंने ना सिर्फ इमरान हाशमी और श्रद्धा कपूर जैसे सितारों का करियर संवारा बल्कि कई नए कलाकारों को बड़ा ब्रेक दिया।

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Top Gurdwaras in Gujarat: अहमदाबाद के 6 प्रतिष्ठित गुरुद्वारे! जहां भक्ति, विरासत और ...

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Top Gurdwaras in Gujarat: गुजरात की सांस्कृतिक राजधानी अहमदाबाद न केवल ऐतिहासिक धरोहरों और आधुनिक संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि धार्मिक विविधता का भी अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। इस शहर में स्थित गुरुद्वारे सिख धर्म के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं, जो आध्यात्मिकता, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक सेवा को प्रोत्साहित करते हैं।

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अहमदाबाद में मौजूद शीर्ष छह प्रसिद्ध गुरुद्वारे अपनी अद्भुत वास्तुकला, आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति के लिए जाने जाते हैं। इन गुरुद्वारों की यात्रा के लिए दिसंबर से फरवरी का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब मौसम अनुकूल रहता है और आध्यात्मिक अनुभव को और भी खास बना देता है।

गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार, घोडासर- Top Gurdwaras in Gujarat

गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार को सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी को समर्पित किया गया है। इसकी शानदार वास्तुकला और जटिल कलाकारी इसे देखने लायक बनाती है। यह गुरुद्वारा न केवल भक्तों बल्कि आम पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है।

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गुरुद्वारा खुलने का समय: सुबह 5:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक

निकटतम बस स्टेशन: स्मृति मंदिर बस स्टैंड

आस-पास की जगहें: कांकरिया झील, साबरमती रिवरफ्रंट, वस्त्रपुर झील

गुरुद्वारा ओधव, ओधव

गुरुद्वारा ओधव अहमदाबाद के सिख समुदाय के लिए पूजा का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपनी शांति और पवित्रता के लिए जाना जाता है। प्रार्थना करने के बाद, आगंतुक आस-पास के बाजारों और पर्यटक स्थलों का आनंद ले सकते हैं।

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गुरुद्वारा खुलने का समय: पूरे दिन

निकटतम बस स्टेशन: ओधव रिंग रोड सर्किल बस स्टैंड

आस-पास की जगहें: ओधव गार्डन, बाई हरीर वाव, काठवाड़ा झील

गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, मणिनगर

श्री गुरु नानक दरबार, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी को समर्पित है। इस गुरुद्वारे की भव्य वास्तुकला और शांत वातावरण इसे विशेष बनाते हैं। भक्तों के लिए यह एक ध्यान और प्रार्थना का अद्भुत स्थल है।

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गुरुद्वारा खुलने का समय: सुबह 5:00 बजे से शाम 8:30 बजे तक

निकटतम बस स्टेशन: जवाहर चौक बस स्टैंड

आस-पास की जगहें: कांकरिया झील, नगीना वाडी, कमला नेहरू चिड़ियाघर

गुरुद्वारा गोबिंद धाम, थलतेज

थलतेज के सुरम्य क्षेत्र में स्थित, गुरुद्वारा गोबिंद धाम सिख धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ आने वाले भक्तों को शांति, आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक सुकून मिलता है।

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गुरुद्वारा खुलने का समय: सुबह 4:00 बजे से रात 9:30 बजे तक

निकटतम बस स्टेशन: थलतेज बस स्टैंड

आस-पास की जगहें: सिम्फनी फॉरेस्ट पार्क, साइंस सिटी, वस्त्रपुर लेक गार्डन

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, दूधेश्वर

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा अहमदाबाद में सिख समुदाय के लिए पूजा और सामाजिक सेवा का केंद्र है। इसकी राजसी वास्तुकला और शांत वातावरण इसे अद्वितीय बनाते हैं। यह जगह ध्यान और आत्मचिंतन के लिए आदर्श मानी जाती है।

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गुरुद्वारा खुलने का समय: सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक

निकटतम बस स्टेशन: शाहीबाग बस स्टैंड

आस-पास की जगहें: साबरमती आश्रम, रानी नो हजीरो, तीन दरवाजा

सिख गुरुद्वारा, साबरमती

साबरमती नदी के किनारे स्थित, सिख गुरुद्वारा अहमदाबाद में एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल है। इसकी भव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य इसे भक्तों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाते हैं।

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गुरुद्वारा खुलने का समय: सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक

निकटतम बस स्टेशन: जवाहर चौक बस स्टैंड

आस-पास की जगहें: साबरमती आश्रम, रिवरफ्रंट पार्क, लॉ गार्डन

अहमदाबाद में गुरुद्वारों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत

अहमदाबाद के गुरुद्वारे न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि वे सांप्रदायिक सौहार्द और समाज सेवा का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। इन गुरुद्वारों में लंगर सेवा, धार्मिक शिक्षाएं और सामुदायिक सहायता की व्यवस्था की जाती है।

यहां आने वाले भक्तों को सिख धर्म की आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य वास्तुकला और धार्मिक परंपराओं का अनुभव करने का अवसर मिलता है। लंगर सेवा, जो कि नि:शुल्क भोजन वितरण की परंपरा है, इन गुरुद्वारों की विशेषता है, जहां सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोग समान रूप से भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

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Vespa 2025 Launch: Piaggio ने लॉन्च की 2025 Vespa 125 और 150 स्कूटर सीरीज, जानें नई ख...

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Vespa 2025 Launch: इटालियन ऑटोमोबाइल कंपनी Piaggio India ने 2025 Vespa 125 और 150 स्कूटर रेंज को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। इस नए मॉडल में कई अपडेट्स किए गए हैं, जो इसे पहले से ज्यादा बेहतर और आधुनिक बनाते हैं। नई Vespa स्कूटर्स की कीमतें ₹21.32 लाख से शुरू होकर ₹21.96 लाख (एक्स-शोरूम, महाराष्ट्र) तक जाती हैं। हालांकि, अभी तक केवल 125cc मॉडल की कीमतों की घोषणा की गई है, जबकि 150cc वेरिएंट की कीमतें बाद में घोषित की जाएंगी।

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2025 Vespa स्कूटर्स: क्या है नया? (Vespa 2025 Launch)

Piaggio ने अपनी 2025 Vespa रेंज में स्टैंडर्ड और S वेरिएंट्स को शामिल किया है। अब से Vespa VXL को केवल “Vespa” और SXL वेरिएंट को “Vespa 5” के नाम से जाना जाएगा।

 

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  • स्टैंडर्ड Vespa अपने ओवल हेडलैम्प और क्लासिक कर्वी बॉडी के साथ पहले जैसी ही आकर्षक लगती है।
  • Vespa S में अब नए ट्रैपेज़ॉइडल हेडलैम्प को शामिल किया गया है, जो इसे स्पोर्टी लुक देता है।
  • स्कूटर का फ्रेम पहले जैसा ही मोनोकॉक मेटल बॉडी में बना हुआ है।

नया और दमदार इंजन

2025 Vespa और Vespa S अब अपडेटेड 125cc और 150cc इंजन के साथ आते हैं, जो नए OBD-2B एमिशन नॉर्म्स के अनुरूप बनाए गए हैं।

  • 125cc इंजन:
    • 9.3 bhp @ 7100 rpm
    • 10.1 Nm टॉर्क @ 5600 rpm
    • CVT ट्रांसमिशन
  • 150cc इंजन:
    • 11.4 bhp @ 7500 rpm
    • 11.66 Nm टॉर्क @ 6100 rpm

नई Vespa रेंज में पुराने मॉडल की तुलना में 0.5 bhp ज्यादा पावर और 0.6 Nm ज्यादा टॉर्क मिलता है।

2025 Vespa और Vespa S: फीचर्स और कलर ऑप्शंस

नई Vespa में इंजन के अलावा बाकी फीचर्स ज्यादातर पहले जैसे ही हैं। डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और इसमें एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है।

Vespa के कलर ऑप्शंस:

  • Verde Amabile (ग्रीन)
  • Rosso Red (लाल)
  • Pearl White (सफेद)
  • Nero Black (काला)
  • Azzurro Provenza (ब्लू)
  • Blue & Pearl White
  • Orange & Pearl White

स्टैंडर्ड Vespa की कीमत ₹21.32 लाख से शुरू होती है।

Vespa S के कलर ऑप्शंस:

  • Verde Ambizioso (मैट ग्रीन)
  • Oro (गोल्ड)
  • Pearl White (सफेद)
  • Nero Black (काला, मैट फिनिश)
  • Giallo Yellow (मैट येलो)
  • Arancio Impulsivo (ऑरेंज)
  • Red & Pearl White
  • Black & Pearl White

Vespa S में नया गोल्ड “Oro” कलर ऑप्शन जोड़ा गया है, जो भारतीय बाजार में सोने की लोकप्रियता को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। Vespa S की कीमत ₹21.36 लाख रखी गई है।

नई टेक्नोलॉजी से लैस Vespa Tech और Vespa S Tech

Vespa और Vespa S Tech वेरिएंट्स में कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
– की-लेस इग्निशन
– 5-इंच TFT डिस्प्ले
– ब्लूटूथ कनेक्टिविटी
– नेविगेशन सपोर्ट

Vespa Tech के कलर ऑप्शंस:

  • Energico Blue (ब्लू)
  • Grigio Grey (ग्रे)
  • Qala (मेंहदी-प्रेरित ग्राफिक्स के साथ, भारत-विशेष वेरिएंट)

Vespa Tech की कीमत ₹21.92 लाख रखी गई है।

Vespa S Tech के कलर ऑप्शंस:

  • Nero Black (काला, मैट)
  • Pearl White (सफेद)

Vespa S Tech की कीमत ₹21.96 लाख रखी गई है।

Piaggio India के चेयरमैन का बयान

Piaggio Vehicles के चेयरमैन और MD डिएगो ग्रैफी ने लॉन्च के दौरान कहा:
“Vespa सिर्फ एक स्कूटर नहीं, बल्कि एक संस्कृति और आत्म-अभिव्यक्ति का प्रतीक है। पिछले कई दशकों से यह एक प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। 2025 Vespa लाइनअप को भारतीय ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, और यह भारत में हमारे नए युग की शुरुआत है।”

उन्होंने यह भी कहा कि Vespa को लक्जरी स्कूटर सेगमेंट में स्थापित किया जाएगा, जिससे यह बाजार में अन्य स्कूटर्स से अलग खड़ा होगा।

नई Vespa स्कूटर्स की उपलब्धता

2025 Vespa रेंज 25 फरवरी 2025 से पूरे भारत के डीलरशिप्स पर उपलब्ध होगी। हालांकि, इसकी कीमतें अन्य समान क्षमता वाले स्कूटर्स की तुलना में काफी ज्यादा रखी गई हैं, जिससे साफ है कि Piaggio इसे एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में पेश करना चाहता है।

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Avi Dandiya Gift Car: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक ट्वीट! Avi Dandiya ने निभाया 8 म...

Avi Dandiya Gift Car: सोशल मीडिया अक्सर ऐसे किस्सों से भरा रहता है जो लोगों के दिलों को छू जाते हैं। हाल ही में, ट्विटर हैंडल @JavedKhan से किया गया एक ट्वीट चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक टिप्पणीकार Avi Dandiya का दिल से धन्यवाद किया।

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Javed Khan ने अपने ट्वीट में बताया कि Avi Dandiya ने 8 महीने पहले वादा किया था कि वह उनके जन्मदिन पर उन्हें कार गिफ्ट करेंगे, और उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिया। इस भावुक ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

“भैया ने मुझे नौकर से मालिक बना दिया” – जावेद खान (Avi Dandiya Gift Car)

जावेद खान ने अपनी खुशी और आभार व्यक्त करते हुए लिखा,

“ये हैं @avidandiya भैया और भैया ने मुझसे पिछले 8 महीने पहले वादा किया था कि वो मुझे मेरे जन्मदिन पर कार गिफ्ट करेंगे और अब भैया ने अपना वादा पूरा कर दिया है। यही वो गाड़ी है जो भैया ने मुझे दिलवाई है और भैया ने मुझ जैसे एक साधारण लड़के को नौकर से मालिक बना दिया है।”

उन्होंने आगे लिखा कि “मेरे घर-परिवार का हर एक सदस्य इस गिफ्ट को पाकर बहुत खुश है। मैं इस उपहार के लिए और भैया के लिए बहुत आभारी हूं। जब तक इस दुनिया में रहूं, भैया का साथ बना रहे।”

Avi Dandiya का रिप्लाई

अवि डांडिया ने इस पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए लिखा, ‘खुश रहिए  @JavedkhanTkg36, अम्मी को मेरा सलाम बोलिएगा।’

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ट्वीट

यह ट्वीट पोस्ट होते ही वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे सच्ची इंसानियत का उदाहरण बताया। कुछ लोगों ने @avidandiya की दरियादिली की सराहना की, तो कुछ ने लिखा कि इस तरह के रिश्ते आज के समय में दुर्लभ होते जा रहे हैं।

कौन है Avi Dandiya?

अवि डांडिया एक सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं जो सोशल मीडिया पर अपने बेबाक बयानों और सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। वह विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं और अक्सर विवादास्पद विषयों पर अपने विचार साझा करते हैं। अवि डांडिया अपने आलोचनात्मक और कभी-कभी आक्रामक रुख के कारण विवादों में रहे हैं और उनके विचारों को लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिलती है। उनकी सक्रियता ने उन्हें सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर दिलाए हैं, जहाँ वे भारतीय राजनीति और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करते हैं।

सोशल मीडिया का प्रभाव

इस कहानी ने यह भी दिखाया कि कैसे सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लाखों दिलों को छू सकती है। जहां आमतौर पर नकारात्मक खबरें वायरल होती हैं, वहीं यह कहानी पॉजिटिविटी और इंसानियत की मिसाल बन गई है।

यह पोस्ट अब भी सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, और लोग इसे प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में साझा कर रहे हैं।

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Delhi Baba Balaknath Election: दिल्ली में ‘योगी’ की एंट्री नहीं, लेकिन AAP को भारी नु...

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Delhi Baba Balaknath Election: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ और राजस्थान में बाबा बालकनाथ समेत चार संतों के विधानसभा में पहुंचने के बाद दिल्ली में भी एक ‘योगी’ को विधानसभा भेजने की पूरी तैयारी थी। बालयोगी बाबा बालकनाथ की लोकप्रियता इतनी थी कि दिल्ली के 18 गांवों ने खुलकर उनका समर्थन करने का ऐलान कर दिया था।

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हालांकि, दिल्ली विधानसभा में वह अपनी सीट नहीं जीत पाए, लेकिन उन्होंने चुनावी समीकरण जरूर बिगाड़ दिए। महरौली विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उनका शानदार प्रदर्शन बीजेपी, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

बालयोगी बाबा बालकनाथ ने सबको चौंकाया- Delhi Baba Balaknath Election

बालयोगी बाबा बालकनाथ ने महरौली विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। उनके समर्थकों का कहना है कि वह बीजेपी से टिकट चाहते थे, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।

Delhi Baba Balaknath Election
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चुनाव परिणाम ने सभी को हैरान कर दिया।

  • बीजेपी के गजेंद्र सिंह यादव ने 48,349 वोटों के साथ जीत दर्ज की।
  • AAP के महेंद्र चौधरी 46,567 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे।
  • बालयोगी बाबा बालकनाथ 9,731 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे, कांग्रेस और बसपा जैसी पार्टियां भी उनसे पीछे रह गईं।

AAP को किया बड़ा नुकसान

बालयोगी बाबा बालकनाथ भले ही विधानसभा नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने AAP की राह में बड़ा रोड़ा अटका दिया। उन्होंने 9,731 वोट कटवाए, जबकि AAP को इस सीट पर महज 1,782 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर बालयोगी बाबा मैदान में नहीं होते, तो यह सीट AAP के खाते में जा सकती थी।

Delhi Baba Balaknath Election
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18 गांवों का समर्थन मिला

महरौली विधानसभा सीट के अंतर्गत कई गांव आते हैं। इनमें से 18 गांवों ने पंचायत कर बालयोगी बाबा बालकनाथ का समर्थन करने का फैसला किया। प्रचार के दौरान उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई। आम जनता पहले से ही AAP सरकार से नाराज थी और बाबा को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही थी।

उनकी चुनावी रैलियों में अच्छी खासी भीड़ जुटी। जब वह प्रचार के लिए सड़कों पर निकलते थे, तो समर्थक उन पर फूल बरसाते थे। उन्होंने पूरे क्षेत्र में पैदल यात्राएं कीं और जनता से सीधा संपर्क बनाया।

कौन हैं बालयोगी बाबा बालकनाथ?

चुनाव आयोग को दिए गए नामांकन पत्र के मुताबिक बालयोगी बाबा बालकनाथ की उम्र 34 साल है। वह दक्षिणी दिल्ली के हौज खास स्थित कटवारिया सराय में गोरखनाथ मठ में रहते हैं।

  • उन्होंने निर्दलीय के रूप में नामांकन भरा और उन्हें चुनाव चिन्ह ‘टॉर्च’ मिला।
  • अपने हलफनामे में उन्होंने ₹38,000 नकद और ₹39 लाख से अधिक की संपत्ति की घोषणा की थी।
  • वोटों की गिनती के दौरान कांग्रेस 16 राउंड तक तीसरे नंबर पर चल रही थी, लेकिन 17वें राउंड में बाबा ने बढ़त बना ली और तीसरे स्थान पर आ गए।

क्या भविष्य में राजनीति में रहेंगे बाबा?

भले ही इस चुनाव में बाबा बालकनाथ को जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिया कि जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। 9,731 वोट लाकर उन्होंने साफ कर दिया कि वह दिल्ली की राजनीति में एक मजबूत ताकत बन सकते हैं। अगर भविष्य में वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ते हैं, तो उनके जीतने की संभावना और भी ज्यादा हो सकती है।

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Delhi CM Candidates: दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए टॉप 5 दावेदार! दलित, OBC या महिला –...

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Delhi CM Candidates: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 (Delhi Assembly Election 2025) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, और 27 साल बाद सत्ता में वापसी की। अब जब बीजेपी ने दिल्ली का किला फतह कर लिया है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजधानी का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर लगातार मंथन हो रहा है और कई दावेदारों के नाम चर्चा में हैं। बीजेपी का पुराना ट्रेंड देखें तो अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में भी कोई चौंकाने वाला नाम सामने आ सकता है।

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सीएम पद की रेस में सबसे आगे प्रवेश वर्मा- Delhi CM Candidates 

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे नाम परवेश वर्मा (Parvesh Verma) का बताया जा रहा है। वह नई दिल्ली विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं और उन्होंने इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराकर बड़ा उलटफेर किया है। यह वही सीट है, जहां से 2013 में केजरीवाल ने शीला दीक्षित को हराया था और सीएम बने थे।

Delhi CM Candidates Parvesh Verma
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परवेश वर्मा का राजनीतिक कद इसलिए भी मजबूत है क्योंकि वह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। वह पश्चिमी दिल्ली से दो बार सांसद भी रह चुके हैं और ओबीसी समुदाय (कुर्मी बिरादरी) से आते हैं। अगर बीजेपी दिल्ली में ओबीसी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है, तो परवेश वर्मा इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार हो सकते हैं।

अन्य प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं

  • सतीश उपाध्याय (Satish Upadhyay) – दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष
  • विजेंद्र गुप्ता (Vijender Gupta) – दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक
  • आशीष सूद (Ashish Sood) – जनकपुरी से विधायक
  • पवन शर्मा (Pawan Sharma) – उत्तम नगर से विधायक

क्या दिल्ली को पहली बार मिलेगी महिला मुख्यमंत्री?

बीजेपी ने पहले भी दिल्ली में महिला मुख्यमंत्री का कार्ड खेला है। 1998 में पार्टी ने सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाया था। इस बार भी पार्टी महिला नेतृत्व को आगे ला सकती है। चुनाव में बीजेपी के 48 विधायकों में 4 महिलाएं जीती हैं, और इनमें से कुछ नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हो सकते हैं।

Delhi Governance Challenges Delhi BJP
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महिला उम्मीदवारों के संभावित नाम

  1. नीलम पहलवान (Neelam Pahalwan) – नजफगढ़ से पहली महिला विधायक
  2. रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) – दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) की पूर्व अध्यक्ष
  3. पूनम शर्मा (Poonam Sharma) – वज़ीरपुर से जीत दर्ज की
  4. शिखा रॉय (Shikha Roy) – आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज को हराया

अगर बीजेपी महिला नेतृत्व पर दांव लगाती है, तो इनमें से कोई भी चेहरा दिल्ली की कमान संभाल सकता है।

क्या बीजेपी दलित कार्ड खेलेगी?

बीजेपी जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के विधायक को भी मुख्यमंत्री बना सकती है। दिल्ली में पार्टी के चार दलित विधायक हैं, जो इस रेस में शामिल हो सकते हैं।

दलित चेहरे के संभावित नाम:

  1. राज कुमार चौहान (Raj Kumar Chauhan) – मंगोलपुरी विधायक
  2. रविकांत उज्जैन (Ravikant Ujjain) – त्रिलोकपुरी विधायक
  3. रविंद्र इंद्राज सिंह (Ravindra Indraj Singh) – बवाना विधायक
  4. कैलाश गंगवाल (Kailash Gangwal) – मादीपुर विधायक

अगर बीजेपी अनुसूचित जाति के किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाती है, तो यह दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा।

क्या बीजेपी फिर से चौंकाएगी?

बीजेपी का इतिहास रहा है कि वह मुख्यमंत्री पद के लिए किसी लो-प्रोफाइल या अनजान चेहरे को आगे लाने में माहिर है। कई राज्यों में ऐसा देखा गया है, जब चर्चित नामों को दरकिनार कर किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बना दिया गया। गुजरात में भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी और यूपी में योगी आदित्यनाथ को चुने जाने का उदाहरण सामने है। ऐसे में दिल्ली में भी पार्टी कोई चौंकाने वाला फैसला ले सकती है।

अगले मुख्यमंत्री का नाम कब तय होगा?

बीजेपी इस फैसले को जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय नेतृत्व इस पर गहन विचार-विमर्श कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का नाम तय करने में अभी कम से कम एक सप्ताह का समय लग सकता है। दिल्ली में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तारीख मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती है।

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