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Chhattisgarh High Court: वर्जिनिटी टेस्ट की इजाज़त नहीं दी जा सकती!  छत्तीसगढ़ हाईकोर...

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Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में एक बेहद अहम और संवेदनशील मामले में स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी महिला को वर्जिनिटी टेस्ट (कौमार्य परीक्षण) के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने इसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त जीवन, स्वतंत्रता और गरिमा के मौलिक अधिकार का सीधा उल्लंघन बताया है।

यह निर्णय हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आया, जब एक पति ने अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों का आरोप लगाते हुए उसका वर्जिनिटी टेस्ट करवाने की अनुमति मांगी थी। याचिकाकर्ता ने 15 अक्टूबर 2024 के रायगढ़ फैमिली कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी इस मांग को खारिज कर दिया गया था।

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कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी- Chhattisgarh High Court

हाईकोर्ट ने दो टूक कहा कि अगर याचिकाकर्ता अपनी पत्नी के लगाए नपुंसकता के आरोप को गलत साबित करना चाहता है, तो उसके पास स्वयं की मेडिकल जांच कराने या अन्य वैध साक्ष्य प्रस्तुत करने का विकल्प मौजूद है। लेकिन वह अपनी पत्नी को इस तरह के अपमानजनक और असंवैधानिक टेस्ट से गुजरने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

Chhattisgarh High Court Virginity Test Verdict
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न्यायालय ने नौ जनवरी को यह आदेश पारित किया था, जिसे हाल ही में सार्वजनिक किया गया। कोर्ट ने कहा, “वर्जिनिटी टेस्ट की मांग करना महिलाओं की गरिमा पर सीधा प्रहार है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ है, जो न सिर्फ जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है, बल्कि सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार भी सुनिश्चित करता है।”

विवाद की पृष्ठभूमि

जानकारी के अनुसार, 30 अप्रैल 2023 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच विवाह हुआ था। विवाह के बाद दोनों कोरबा जिले में साथ रह रहे थे। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के किसी और पुरुष से अवैध संबंध हैं। वहीं पत्नी का कहना था कि उसका पति नपुंसक है।

Chhattisgarh High Court Virginity Test Verdict
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महिला ने 2 जुलाई 2024 को रायगढ़ जिले के फैमिली कोर्ट में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSC) की धारा 144 के तहत आवेदन देकर 20,000 रुपये प्रति माह के भरण-पोषण की मांग की थी। इस याचिका पर विचार करते हुए फैमिली कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2024 को पति की ओर से दाखिल वर्जिनिटी टेस्ट की मांग को अस्वीकार कर दिया था।

इसके विरोध में पति ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की, लेकिन यहां भी कोर्ट ने उसकी मांग को नकारते हुए उसे असंवैधानिक करार दिया।

सामाजिक और कानूनी महत्त्व

यह फैसला न केवल कानून के क्षेत्र में बल्कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों की दृष्टि से भी एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि शादी जैसे संबंधों में भी किसी महिला की निजता और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।

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German vlogger praises India: “भारत की मेट्रो सिस्टम ने सोच बदल दी”, जर्म...

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German vlogger praises India: भारत की आधुनिकता और तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर का एक नया प्रमाण हाल ही में सामने आया, जब एक जर्मन व्लॉगर एलेक्स वेल्डर ने भारत की मेट्रो व्यवस्था की जमकर सराहना की। एलेक्स ने अपने अनुभव को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए साझा किया, जिसे अब तक 38 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। उनके पास 70,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है।

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पहले थी नकारात्मक धारणा- German vlogger praises India

एलेक्स ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि भारत आने से पहले उनके मन में कुछ नकारात्मक धारणाएं थीं। उन्हें लगता था कि भारत का सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पुरानी, असुविधाजनक और अव्यवस्थित होगी — जिसमें शोरगुल वाले टुक-टुक, भीड़ और गंदगी शामिल होगी। लेकिन जब वे भारत आए और दिल्ली तथा आगरा की मेट्रो में सफर किया, तो उनकी सारी धारणाएं चकनाचूर हो गईं।

 

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भारत की मेट्रो ने किया चौंकाने वाला अनुभव

अपने वीडियो में एलेक्स कहते हैं कि दिल्ली मेट्रो न केवल साफ-सुथरी और सुव्यवस्थित है, बल्कि इसमें वो आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं जो आमतौर पर साउथ कोरिया, जापान और चीन जैसे विकसित देशों में देखने को मिलती हैं। उन्होंने प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स, फोन चार्जिंग प्लग, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आरक्षित सीटों जैसी सुविधाओं की खासतौर पर तारीफ की।

उनका यह भी कहना था कि वे दक्षिण दिल्ली में रुके हुए थे और अधिकतर बार मेट्रो में उन्हें आराम से बैठने की जगह मिल जाती थी, खासकर जब वे पिक ऑवर और पर्यटन स्थलों से दूर रहते।

यूरोपीय देशों से की तुलना

एलेक्स वेल्डर ने दिल्ली मेट्रो को पश्चिमी यूरोप के कुछ पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से बेहतर करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क देखकर उन्हें हैरानी हुई। उनका मानना है कि विदेशों में रहने वाले लोग और ट्रैवल व्लॉगर्स भारत के इस आधुनिक पहलू को दुनिया के सामने ठीक से पेश नहीं करते।

उनका यह वीडियो ना सिर्फ वायरल हो गया, बल्कि लाखों भारतीयों को गर्व का अनुभव भी कराया। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने कमेंट्स में लिखा कि अब समय आ गया है कि भारत को पुराने नजरिए से देखना बंद किया जाए। एक यूजर ने लिखा, “दिल्ली मेट्रो, लंदन की ट्यूब से ज्यादा बेहतर और साफ है।” वहीं, एक अन्य ने कहा, “यहां गंदगी नहीं, बेहतर कनेक्टिविटी है। ये असली भारत है।”

भारत की बदली तस्वीर

एलेक्स वेल्डर का अनुभव आज के नए भारत की तस्वीर को दुनिया के सामने लाता है। एक ऐसा भारत, जो अब न सिर्फ टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहा है, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सेवाओं में भी दुनिया के कई विकसित देशों को टक्कर दे रहा है।

लोगों ने भी माना कि भारत का शहरी परिवहन अब दुनिया के किसी भी बड़े देश के मुकाबले कम नहीं है। साफ-सफाई, सुरक्षा, समय की पाबंदी और तकनीकी सुविधा जैसे सभी मानकों पर दिल्ली मेट्रो खरा उतरती है।

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Hapur Woman Pregnancy News: हापुड़ में 50 साल की महिला बनी 14वीं बार मां, अस्पताल पहु...

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Hapur Woman Pregnancy News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया है। पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बजरंगपुरी की रहने वाली 50 वर्षीय मुस्लिम महिला गुड़िया ने हाल ही में अपने 14वें बच्चे को जन्म दिया है। इस असामान्य घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

गुड़िया के पति इमामुद्दीन ने बताया कि गुरुवार को उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें पिलखुवा के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। वहां की स्थिति गंभीर होने के कारण गुड़िया को तुरंत हापुड़ के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में हुई डिलीवरी- Hapur Woman Pregnancy News

गुड़िया को जब एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया जा रहा था, तब अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही उसे प्रसव हो गया। इमामुद्दीन ने बताया कि गुड़िया ने सरकारी एंबुलेंस में ही एक बच्ची को जन्म दिया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे स्ट्रेचर पर लिटाया और अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की तत्परता के चलते मां और नवजात दोनों सुरक्षित रहे।

 

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डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमलता ने मीडिया को बताया कि जब महिला अस्पताल लाई गई, तब बच्चा आधा बाहर आ चुका था। उन्होंने बताया, “हमने तत्काल डिलीवरी को पूरा किया। यह उनका 14वां बच्चा है और एक लड़की है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है।”

22 साल का बेटा, 3 साल का सबसे छोटा भाई

गुड़िया के सबसे बड़े बेटे की उम्र 22 साल है, जबकि सबसे छोटे बेटे की उम्र केवल 3 वर्ष है। बेटे ने बताया कि परिवार में अब कुल 11 जीवित भाई-बहन हैं, जबकि तीन बच्चों की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। उसने यह भी बताया कि कई डिलीवरीज़ के बीच एक साल का भी अंतर नहीं रहा, जो इस मामले को और भी असामान्य बनाता है।

स्थानीय लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस घटना को लेकर पूरे मोहल्ले में हलचल मच गई है। एक ओर देश भर में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर ‘हम दो, हमारे दो’ जैसे स्लोगन दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह मामला समाज में बढ़ती जनसंख्या और संसाधनों के दबाव को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।

स्थानीय लोग इसे लेकर हैरान हैं—कुछ इसे निजी मामला मान रहे हैं, तो कुछ इसे स्वास्थ्य और जागरूकता की कमी का परिणाम बता रहे हैं। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर मोहल्लों तक यह मामला चर्चा का विषय बन चुका है।

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Bollywood News: ‘एक चालीस की लास्ट लोकल’ के सीक्वल की नई शुरुआत चिली में नया ट्विस्ट,...

Bollywood News: डार्क कॉमेडी शैली की सनसनी ‘एक चालीस की लास्ट लोकल’ के सीक्वल का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। अब आखिरकार इस फिल्म के दूसरे पार्ट की खबर आ चुकी है, और यह पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, रोमांचक और ग्लोबल होने वाला है। अभय देओल, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और नेहा धूपिया की अदाकारी से सजी इस फिल्म के सीक्वल में मुंबई की लोकल ट्रेन की जगह अब चिली के शानदार रात के नजारों का समावेश होगा। फिल्म के लेखक और निर्देशक संजय खंडूरी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि यह फिल्म एक नई दिशा में जाएगी और चिली जैसे विदेशी देश में यह नई रोमांचक कहानी बुनी जाएगी।

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कुल्ट क्लासिक का सीक्वल: मुंबई से चिली तक- Bollywood News

‘एक चालीस की लास्ट लोकल’ का सीक्वल अब मुंबई के शहरी माहौल से बाहर निकलकर एक बिल्कुल नए देश में नया रंग लेता हुआ नजर आएगा। फिल्म का पहला पार्ट मुंबई के लोकल ट्रेनों में घटित होने वाली अफरा-तफरी की कहानी थी, जिसमें एक रात में हीरो की लोकल ट्रेन छूटने के बाद किस तरह की रोमांचक घटनाएं घटती हैं, इसे दर्शाया गया था। इस फिल्म को बेहद अनोखा और शानदार माना गया था, जिसकी कहानी ने दर्शकों को अपनी ओर खींच लिया था।

 

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अब, संजय खंडूरी ने बताया कि इस बार कहानी को चिली के खूबसूरत और रोमांचक लोकेशन पर आधारित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “इस बार मुंबई में नहीं, बल्कि चिली में आखिरी गाड़ी छूटने पर क्या होगा, इससे कहानी में एक नया ट्विस्ट आएगा।”

चिली: एक फिल्ममेकर का सपना

संजय खंडूरी ने इस बदलाव की वजह भी साझा की है। उन्होंने बताया कि पहले उनकी योजना मोरक्को में शूटिंग करने की थी, लेकिन चिली सरकार के स्पॉन्सर्ड पांच दिनों की यात्रा के बाद उन्होंने अपना प्लान बदल दिया। चिली की सिनेमाई लोकेशन ने उन्हें इस कदर आकर्षित किया कि उन्होंने यहीं पर फिल्म शूट करने का निर्णय लिया।

 

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खंडूरी ने कहा, “चिली एक फिल्ममेकर का सपना है। यहां की लोकेशंस, जैसे अटाकामा रेगिस्तान और वालपाराइसो की पहाड़ियों, बिल्कुल आदर्श हैं। इसके अलावा, सैंटियागो की रात का दृश्य एक फिल्म के लिए परफेक्ट सेटिंग है।” उन्होंने यह भी कहा कि चिली के लोग भारतीयों की तरह दिखते हैं, उनका रंग, चेहरे और अद्भुत मुस्कान बॉलीवुड के लिए एकदम सही है।

मेक्सिको में मिली थी जबरदस्त सराहना

फिल्म का चिली में शूट होना कोई संयोग नहीं है। पहली फिल्म को मेक्सिको में भी बहुत लोकप्रियता मिली थी और वहां कई पुरस्कार भी जीते थे। संजय खंडूरी ने बताया कि उनकी फिल्म को मेक्सिको में खासा सराहा गया और अब चिली जैसे नए स्थान पर यह कहानी पूरी तरह से एक नए मूड में ढलने जा रही है। खंडूरी ने कहा, “चिली के युवा बॉलीवुड संगीत और डांस को बहुत पसंद करते हैं। जब हम उनसे मिले, तो उन्होंने फिल्म का गाना ‘क्या हुआ जो लारी छूटी’ गाया, जो फिल्म के बजट की भरपाई कर चुका था।”

फिल्म का बजट और सफलता

‘एक चालीस की लास्ट लोकल’ की पहले की फिल्म को केवल 3 करोड़ रुपये के मामूली बजट में बनाया गया था, लेकिन इसने लगभग 72 करोड़ रुपये की कमाई करके सबको चौंका दिया था। यह फिल्म अपने अनोखे कहानी के चलते एक क्लासिक बन चुकी है और इसके पहले पार्ट ने भारतीय फिल्म उद्योग में एक नया रास्ता दिखाया।

सीक्वल का ग्लोबल अपील

संजय खंडूरी का मानना है कि सीक्वल का ग्लोबल अपील होगा और यह केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बनेगा। इस बार, चिली की अनोखी लोकेशन और वहां की संस्कृति को फिल्म में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे एक नया अनुभव मिलेगा। यह फिल्म एक बार फिर दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी, जैसे पहले पार्ट ने किया था।

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Ajab-Gajab news: भारत का सबसे रहस्यमय गांव, जहां रातोंरात गायब हो गए थे लोग, जानिए इस...

Ajab-Gajab news: भारत में कई ऐसी रहस्यमयी घटनाएं और स्थान हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इनमें से एक है राजस्थान के जैसलमेर जिले का कुलधरा गांव, जिसे भूतिया और श्रापित माना जाता है। इस गांव की कहानी इतनी विचित्र है कि यह आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुलधरा गांव के खंडहर आज भी उस रहस्य की गवाही देते हैं, जिसने इसे वीरान और श्रापित बना दिया।

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कुलधरा गांव का रहस्य- Ajab-Gajab news

कुलधरा गांव कभी पालीवाल ब्राह्मणों का एक समृद्ध गांव था, लेकिन आज यह वीरान पड़ा है और लोग इसे भूतिया स्थान मानते हैं। कहा जाता है कि यह गांव लगभग 200 साल पहले रातोंरात खाली हो गया था, और उसके बाद से इस गांव में कोई नहीं बस सका। 1825 में इस गांव को छोड़ने के बाद से यह जगह श्रापित मानी जाती है, और यहां पर अक्सर अजीब घटनाओं का होना बताया जाता है।

Ajab-Gajab news Kuldhara village
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कुलधरा गांव में आज भी पुराने घरों के खंडहर खड़े हैं, जो उस समय की समृद्धि की कहानी सुनाते हैं। गांव के लोग बताते हैं कि इस स्थान पर अब भी अजीब घटनाएं घटती हैं, जिनकी वजह से लोग इस क्षेत्र में जाने से डरते हैं।

कुलधरा गांव की समृद्धि और श्राप

कुलधरा गांव का इतिहास बहुत पुराना है। पालीवाल ब्राह्मणों ने 11वीं शताब्दी में इस गांव की स्थापना की थी, और यह गांव उस समय समृद्ध था। इस गांव में ब्राह्मणों के साथ-साथ कृषि, व्यापार और पशुपालन भी किया जाता था। गांव के लोग बहुत ही संपन्न थे, और यहां बड़ी-बड़ी हवेलियां और खूबसूरत घर हुआ करते थे।

लेकिन, अचानक इस गांव के हालात बदले और इसने अपनी समृद्धि खो दी। यह घटना 1825 के आस-पास हुई थी, जब रियासत के दीवान सालेम सिंह की नजर गांव की एक ब्राह्मण लड़की, शक्ति मैया, पर पड़ी। सालेम सिंह ने लड़की से शादी करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन लड़की के परिवार ने इसका विरोध किया और उसने किसी अन्य जाति में विवाह करने का फैसला किया।

Ajab-Gajab news Kuldhara village
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सालेम सिंह ने इसके बाद गांव वालों को धमकी दी कि अगर उन्होंने शक्ति मैया से शादी नहीं करवाई, तो वह गांव को तहस नहस कर देगा। इसके बाद गांव के पालीवाल ब्राह्मणों ने एक पंचायत बुलाई और फैसला लिया कि वे गांव छोड़ देंगे। वे रातों-रात इस गांव को छोड़कर चले गए और जाते समय उन्होंने यह श्राप दिया कि जो भी इस गांव में बसने की कोशिश करेगा, वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

कुलधरा गांव की और भी मान्यताएं

कुलधरा गांव को छोड़ने की वजह को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। एक मान्यता के अनुसार, गांव वालों ने सालेम सिंह द्वारा लगाए गए भारी करों से परेशान होकर गांव छोड़ने का फैसला लिया। दूसरी मान्यता यह है कि गांव के जलस्तर के गिरने और सूखे की वजह से ब्राह्मणों ने इस जगह को छोड़ दिया।

कई लोग मानते हैं कि इस गांव के स्थानिक ऊर्जा के कारण भी यह जगह शापित हो गई है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो, जलवायु परिवर्तन और सूखे के कारण इस गांव के लोग वहां रहना असंभव समझने लगे थे।

कुलधरा का आज का हाल

आज भी कुलधरा गांव एक रहस्य बना हुआ है। इसका जर्जर हो चुका ढांचा और खंडहर यह प्रमाणित करते हैं कि यहां कभी एक समृद्ध और खुशहाल गांव था। इसके आसपास के लोग अब भी इसे भूतिया मानते हैं और डरते हैं कि कहीं यह श्राप सच न हो जाए।

कुलधरा गांव की कहानी आज भी लोगों के बीच दिलचस्प विषय बन चुकी है। कई लोग इस गांव में घूमने जाते हैं, लेकिन कोई भी रात में इस गांव में रुकने की हिम्मत नहीं करता। यह गांव अब एक पर्यटक स्थल बन चुका है, लेकिन साथ ही यह भारतीय इतिहास और रहस्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

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New Rules from 1 April: 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे ये 10 बड़े नियम! आपकी जेब और जिंद...

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New Rules from 1 April: नई फाइनेंशियल ईयर यानी वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ ही आम आदमी और व्यापारियों के लिए कई बड़े नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। 1 अप्रैल 2025 से बैंकिंग, इनकम टैक्स, जीएसटी और डिजिटल पेमेंट जैसे सेक्टर्स में नए नियम लागू होंगे, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। अगर आप समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो आने वाले समय में वित्तीय झटकों से बच पाना मुश्किल हो सकता है। यहां हम आपको बता रहे हैं उन 10 बड़े बदलावों के बारे में जो 1 अप्रैल से लागू हो रहे हैं।

New Rules from 1 April UPI New rule
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UPI ट्रांजैक्शन में बदलाव- New Rules from 1 April

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह ऐलान किया है कि 1 अप्रैल से जिन मोबाइल नंबर्स को लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया गया है और जो बैंक अकाउंट से लिंक्ड हैं, उन पर आधारित UPI ट्रांजैक्शन बंद कर दिए जाएंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने अपना पुराना नंबर बंद कर दिया है और उसे अभी भी बैंक में अपडेट नहीं किया है, तो जल्द से जल्द नया नंबर लिंक कराएं, नहीं तो 1 अप्रैल से आपके UPI पेमेंट्स रुक सकते हैं।

डोरमेंट UPI अकाउंट्स होंगे डिसेबल

जो UPI IDs पिछले 12 महीनों से एक्टिव नहीं हैं, उन्हें NPCI डिएक्टिवेट करने जा रही है। यह कदम फ्रॉड और फिशिंग स्कैम को रोकने के लिए उठाया गया है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी UPI ID सुरक्षित रहे और आप डिजिटल पेमेंट में बाधा से बचें, तो डोरमेंट ID को फिर से एक्टिवेट करना अनिवार्य है।

FD पर सीनियर सिटीजन को बड़ा फायदा

अब तक सीनियर सिटीजन को 50,000 रुपये तक के ब्याज पर TDS नहीं लगता था, लेकिन 1 अप्रैल से यह सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। अन्य निवेशकों के लिए भी यह लिमिट अब 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। इसका सीधा फायदा यह है कि अब फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स कटौती पहले से कम होगी।

बैंक FD और सेविंग अकाउंट इंटरेस्ट रेट में बदलाव

SBI, HDFC, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और IDBI जैसे बड़े बैंक अपनी सेविंग और फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव करने जा रहे हैं। ये नई ब्याज दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। अपने बैंक की वेबसाइट पर जाकर आप नई रेट्स चेक कर सकते हैं।

डिविडेंड पाने के लिए PAN-Aadhaar लिंक जरूरी

अगर आपने अभी तक अपना पैन और आधार लिंक नहीं किया है, तो आप शेयर मार्केट में मिलने वाले डिविडेंड का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इसके अलावा, कैपिटल गेन पर TDS भी ज्यादा कटेगा और फॉर्म 26AS में कोई क्रेडिट नहीं दिखेगा।

डीमैट और म्यूचुअल फंड अकाउंट के नियम सख्त

SEBI ने डीमैट और म्यूचुअल फंड अकाउंट खोलने के लिए KYC और नॉमिनी डिटेल्स को अपडेट करना अनिवार्य कर दिया है। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आपका अकाउंट फ्रीज हो सकता है। हालाँकि, इसे बाद में दोबारा एक्टिवेट किया जा सकता है।

सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस अनिवार्य

बैंकों ने साफ किया है कि 1 अप्रैल से अगर सेविंग अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस नहीं रखा गया, तो ग्राहकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। हर बैंक की मिनिमम बैलेंस की लिमिट अलग होती है, इसलिए जुर्माने से बचने के लिए अपने बैंक की शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

GST सिस्टम में बड़ा बदलाव

1 अप्रैल से भारत सरकार GST प्रणाली में इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम को लागू करने जा रही है। इसका मकसद राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू के वितरण को पारदर्शी बनाना है। इससे व्यापारियों को अपनी टैक्स लायबिलिटी का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।

New Rules from 1 April UPI New rule
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LPG सिलेंडर की कीमतों में संशोधन

हर महीने की शुरुआत में LPG सिलेंडर की कीमतें रिव्यू की जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर के आधार पर 1 अप्रैल से घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में बदलाव संभव है। यह आपके घरेलू बजट को प्रभावित कर सकता है।

नया टैक्स सिस्टम होगा डिफॉल्ट

1 अप्रैल से असेसमेंट ईयर 2025-26 की शुरुआत के साथ ही नया टैक्स सिस्टम डिफॉल्ट रूप में लागू हो जाएगा। यदि कोई करदाता पुराने टैक्स रिजीम के तहत धारा 80C का लाभ लेना चाहता है, तो उसे यह विकल्प अलग से चुनना होगा।

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University of Houston Controversy: हिंदू धर्म को इस्लाम के खिलाफ इस्तेमाल करने वाला ब...

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University of Houston Controversy: यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन (UH) ने हाल ही में अपने “लिव्ड हिंदू रिलिजन” नामक कोर्स पर एक छात्र की शिकायत के बाद अकादमिक स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। विश्वविद्यालय ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अकादमिक स्वतंत्रता की एक महत्वपूर्ण विशेषता है, जिसके तहत शिक्षकों को जटिल और कभी-कभी चुनौतीपूर्ण विषयों पर विचार करने की स्वतंत्रता मिलती है।

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क्या है विवाद? (University of Houston Controversy)

यह विवाद तब गहरा हुआ जब अमेरिका में भारतीय मूल के एक छात्र वसंत भट्ट ने “लिव्ड हिंदू रिलिजन” कोर्स के सिलेबस को लेकर शिकायत की। छात्र का आरोप था कि इस कोर्स में हिंदू धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कोर्स में हिंदुत्व को इस्लाम के खिलाफ एक हथियार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा, सिलेबस में हिंदू धर्म के प्राचीन होने के बारे में खारिज किए गए तथ्यों का भी विरोध किया गया है। इस मामले को लेकर छात्र ने विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज के डीन के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

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यूनिवर्सिटी का पक्ष

यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन ने इस विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अकादमिक स्वतंत्रता में शिक्षक को उनके पाठ्यक्रम में जटिल और चुनौतीपूर्ण विषयों पर विचार करने की स्वतंत्रता दी जाती है। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि वे सामान्यतः व्यक्तिगत व्याख्यान की समीक्षा नहीं करते हैं, लेकिन पाठ्यक्रम की निगरानी रखते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह शैक्षिक और शैक्षिक मानकों को पूरा करता है।

विश्वविद्यालय ने बताया कि “लिव्ड हिंदू रिलिजन” कोर्स का उद्देश्य धार्मिक आंदोलनों का अध्ययन करना है, जिसमें ईसाई धर्म, इस्लाम, बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म जैसे धर्मों को शामिल किया गया है। इस कोर्स में विशेष शब्दावली, जैसे ‘फंडामेंटलिज्म’, का उपयोग धार्मिक आंदोलनों को समझने के लिए किया गया है।

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इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह शैक्षिक शब्द सार्वजनिक या राजनीतिक वार्ता में उपयोग किए गए अर्थों से भिन्न हो सकते हैं, जिससे कभी-कभी गलतफहमियां उत्पन्न होती हैं।

कोर्स के बारे में जानकारी

“लिव्ड हिंदू रिलिजन” कोर्स विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इसमें प्रोफेसर आरोन माइकल उलरी के वीडियो लेक्चर होते हैं, जो साप्ताहिक रूप से छात्रों के लिए दिए जाते हैं। इस कोर्स में हिंदू धर्म और अन्य धर्मों के अध्ययन पर गहराई से चर्चा की जाती है और इसमें छात्रों को धार्मिक आंदोलनों के संदर्भ में महत्वपूर्ण विचार विमर्श की अनुमति मिलती है।

विवाद पर विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया

यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे वसंत भट्ट द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और सुनिश्चित करेंगे कि पाठ्यक्रम में किसी भी धर्म को अपमानित नहीं किया गया है।

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Nepal violence News: नेपाल में राजशाही समर्थक आंदोलन ने तूल पकड़ा, काठमांडू में हिंसा...

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Nepal violence News: नेपाल में राजशाही समर्थक आंदोलन एक नया मोड़ लेता हुआ नजर आ रहा है, जिससे देश की राजधानी काठमांडू में तनाव बढ़ गया है। शुक्रवार (29 मार्च) को राजशाही के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक झड़पों के बाद हालात बेकाबू हो गए। इस झड़प में एक टीवी कैमरामैन सहित दो लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके बाद, काठमांडू में सेना को तैनात किया गया और कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया।

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राजशाही के पुनर्निर्माण की मांग- Nepal violence News

यह आंदोलन पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह के समर्थकों द्वारा चलाया जा रहा है, जो 2008 में समाप्त हुई राजशाही को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने राजशाही की वापसी के लिए सड़कों पर उतरकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के बाद से स्थिति बिगड़ गई है और राजशाही के वापस लौटने से देश की स्थिति बेहतर हो सकती है।

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वाम मोर्चे का विरोध और चेतावनी

वहीं, नेपाल के वाम मोर्चे ने इस आंदोलन के खिलाफ रैली की और पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र को चेतावनी दी कि यदि वह सिंहासन वापस प्राप्त करने की कोशिश करेंगे तो यह उनके लिए महंगी साबित हो सकती है। रैली में पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड और माधव कुमार नेपाल समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया। वाम मोर्चे ने राजशाही समर्थक ताकतों के उभार को केपी शर्मा ओली की सरकार का परिणाम बताया और इसे उनके कुशासन का परिणाम करार दिया।

हिंसा और झड़पों का उभार

शुक्रवार को सुबह से ही राजशाही समर्थक तिनकुने इलाके में एकत्र होने लगे थे। करीब 11:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करना शुरू किया, जिससे पुलिस को उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो झड़प शुरू हो गई। इसके बाद, प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी, दुकानों में लूटपाट की और एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय पर हमला किया। यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को काठमांडू में कर्फ्यू लगाने का आदेश देना पड़ा।

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हादसा और जनहानि

इस हिंसा में एक चैनल के लिए रिपोर्टिंग कर रहे कैमरामैन सुरेश रजक की भी मौत हो गई। इसके अलावा, 30 लोग घायल हुए, जिनमें से आधे पुलिसकर्मी थे। झड़पों के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने एक घर को आग लगा दी और कई वाहनों को भी जला दिया। इसके अलावा, बाणेश्वर में सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट्स पार्टी के कार्यालय पर हमला किया और चाबाहिल में भटभटेनी सुपरमार्केट को लूट लिया। कांतिपुर टेलीविजन और अन्नपूर्णा पोस्ट अखबार के कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की गई।

कर्फ्यू और प्रशासन की कार्रवाई

काठमांडू जिला प्रशासन ने शांतिनगर पुल और मनोहरा नदी पुल के बीच के क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया। कर्फ्यू का दायरा तिनकुने, कोटेश्वर, बाणेश्वर चौक और गौशाला तक फैला हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे तक जाने वाले यात्रियों को अपना टिकट दिखाने पर जाने की अनुमति दी गई।

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Kamakhya Express Derailed: ओडिशा में बड़ा रेल हादसा, बेंगलुरु-कामाख्या सुपरफास्ट एक्स...

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Kamakhya Express Derailed: ओडिशा के कटक जिले में रविवार (30 मार्च) को एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जब बेंगलुरु से कामाख्या जा रही सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के 11 एसी डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात अन्य यात्री घायल हो गए। हादसा कटक जिले के चौद्वार इलाके के मंगुली पैसेंजर हॉल्ट के पास हुआ। इस घटना के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।

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हादसे के कारण और तत्काल कार्रवाई- Kamakhya Express Derailed

यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन नंबर 12551 बेंगलुरु से कामाख्या की ओर जा रही थी। खबरों की मानें तो, ओडिशा के कटक में चौद्वार के पास बेंगलुरु-कामाख्या सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन आज (30 मार्च) 11.54 बजे पटरी से उतर गई। ट्रेन के 11 एसी कोच पटरी से उतर गए, जिसके बाद नीलाचल एक्सप्रेस, धौली एक्सप्रेस, पुरुलिया एक्सप्रेस का रूट डायवर्ट कर दिया गया है।

हालांकि ट्रेन की गति कम थी, जिसके कारण नुकसान कम हुआ, लेकिन इससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग चिल्लाते हुए इधर-उधर दौड़ने लगे और कई यात्री बुरी तरह घबराए हुए थे। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, दमकल और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में जुट गई।

इसके अलावा, रेलवे ने यात्रियों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 8991124238 जारी किया है।

मदद के लिए टीमों की तैनाती

ओडिशा और असम सरकार के अधिकारियों ने भी इस हादसे के बाद त्वरित कार्रवाई की। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने घटना की जानकारी मिलने के बाद ओडिशा सरकार और रेलवे के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने ट्वीट किया, “मुझे ओडिशा में कामाख्या एक्सप्रेस से जुड़ी घटना की जानकारी है। हम प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति से संपर्क करेंगे।” इसके अलावा, कटक के स्थानीय विधायक प्रकाश चंद्र सेठी ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की गई।

स्पेशल ट्रेन का इंतजाम

ईस्ट कोस्ट रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही भुवनेश्वर से एक स्पेशल ट्रेन भेजी जाएगी, ताकि सभी फंसे हुए यात्रियों को कामाख्या के लिए रवाना किया जा सके। यह ट्रेन यात्रियों को कटक स्टेशन से कामाख्या के लिए लेकर जाएगी, और फिर ट्रेन के पटरी से उतरने की जगह को ठीक करने का काम शुरू किया जाएगा।

हादसे की जांच जारी

फिलहाल इस हादसे के कारण के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। रेलवे विभाग की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही इसका कारण सामने आ जाएगा। हादसे के बाद से यात्रियों को कटक स्टेशन पर जाने और दूसरी ट्रेन से यात्रा जारी रखने का विकल्प दिया गया। इस दौरान, रेलवे विभाग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी यात्री सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचे।

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UP News: बांदा में नौकरी के झांसे में युवतियों के साथ दुष्कर्म, पुलिस ने मास्टरमाइंड ...

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UP News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें तीन युवतियों के साथ नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने युवतियों को नशीले पदार्थ जैसे बीयर और सिगरेट पिलाकर उनके साथ इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उन्हें निर्वस्त्र कर डांस कराया और छह महीने तक यौन उत्पीड़न किया। इस गंभीर मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश के लिए चार पुलिस टीमें बनाई गई हैं।

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नौकरी का झांसा और यौन उत्पीड़न- UP News

यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां तीन युवतियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक, तीन आरोपियों ने उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि जब युवतियां आरोपियों के झांसे में आईं, तो उन्हें नशे की हालत में रखा गया, सिगरेट और बीयर पिलाई गई, और निर्वस्त्र कर डांस कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और छह महीने तक उनका यौन उत्पीड़न किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने लगातार जान से मारने की धमकी दी और उन्हें शोषण का शिकार बनाया।

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आरोपियों का कृत्य और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि कई अन्य लड़कियां भी आरोपियों के झांसे में आकर परेशान हो रही थीं, जिनके साथ भी घिनौनी हरकत की गई थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। एसपी अंकुर अग्रवाल ने इस मामले में पुष्टि की है कि कुछ महिलाओं ने उत्पीड़न के बारे में शिकायत की है और उनके पास कुछ वीडियो के पेन ड्राइव भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है और महिलाओं के मेडिकल टेस्ट कराए जा रहे हैं। जांच में कुछ अहम सबूत भी मिले हैं, जिन्हें आगे की कार्रवाई में इस्तेमाल किया जाएगा।

महिलाओं के लिए न्याय की लड़ाई

इस मामले ने ना केवल बांदा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर महिलाएं अपने जीवन और करियर के लिए संघर्ष करती हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें ऐसे अपराधों का सामना करना पड़ता है। इस घिनौनी घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

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