पश्चिम बंगाल: लेफ्ट को ‘0’ पर नहीं देख सकती ममता बनर्जी, बताया बीजेपी से बेहतर

By Awanish Tiwari | Posted on 4th May 2021 | देश
Mamata Banerjee, WB Election

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 (West Bengal Election Result 2021) के नतीजे घोषित हो गए हैं। राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए इस चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है। टीएमसी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2016 में 211 सीटों पर जीत हासिल हुई थी इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 213 तक पहुंच गया है। 

ममता बनर्जी अपनी सीट नंदीग्राम बचाने में नाकाम रही। लेकिन उनके नेतृत्व में पार्टी ने काफी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। ममता बनर्जी ने साल 2011 में लेफ्ट के 34 सालों के शासन को उखाड़ फेंका था और पहली बार बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थी। 

अब प्रदेश में लेफ्ट की स्थिति काफी बदतर हो गई है। लेफ्ट को इस चुनाव में एक भी सीट नहीं मिल पाई है। इस पर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा है कि वह उन्हें इस हालत में नहीं देखना चाहती।

जानें ममता बनर्जी ने क्या कहा?

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा, मैं राजनीतिक रुप से उनका विरोध करती हूं लेकिन उन्हें शून्य नहीं देखना चाहती। उन्होंने लेफ्ट को बीजेपी से बेहतर भी बताया। ममता ने कहा, ‘वाम दलों के साथ राजनीतिक मतभेद हैं लेकिन मैं उन्हें शून्य पर पहुंचता नहीं देखना चाहती। बेहतर होता कि वे बीजेपी  से अपना वोट वापस हासिल कर लेते। उन्होंने बीजेपी को इस कदर फायदा पहुंचाया कि आज वे शून्य हो गए। उन्हें इस बारे में सोचने की जरुरत है।‘ 

ममता बनर्जी ने कहा दीपांकर भट्टाचार्य इस रास्ते पर नहीं चले। उन्होंने दावा किया कि वाम दल अपना वोटबैंक वापस हासिल नहीं कर पाए जो उन्होंने बीजेपी के हाथों खो दिया है और इस वजह से वामपंथी दलों की स्थिति में और गिरावट आ गई है।

ऐसा रहा है पश्चिम बंगाल का राजनीतिक इतिहास

बता दें, आजादी के बाद 1967 तक कांग्रेस पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सरकार चलाया। लेकिन आजाद भारत के चौथे आम चुनाव फरवरी 1967 में कांग्रेस पार्टी को देश के 8 राज्यों में करारी हार मिली और उन सभी राज्यों में गैर कांग्रेसी सरकार बनी, पश्चिम बंगाल भी इन्हीं राज्यों में से एक था। 

जिसके बाद कांग्रेस ने 1972 में वापसी करते हुए 216 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन इसी क्रम में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया और 1972-77 तक के कार्यकाल के बाद से ही कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल की सत्ता से बेदखल है। जिसके बाद 1977 के चुनाव में राज्य में सीपीएम के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को 231 सीटों पर जीत मिली। और यह पार्टी तब से लेकर 2011 तक पश्चिम बंगाल की सत्ता में रही। 

जिसके बाद 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने 34 सालों तक सत्ता में रहने वाली लेफ्ट के इस किले को नेस्तनाबूत कर दिया और प्रदेश में 184 सीटों पर जीत हासिल कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। जिसके बाद से ही टीएमसी सत्ता में है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही टीएमसी ने लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत हासिल की है। ममता बनर्जी 5 मई को मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने वाली है।

Awanish  Tiwari
Awanish Tiwari
अवनीश एक समर्पित लेखक है जो किसी भी विषय पर लिखना पसंद करतें है। इन्हें पॉलिटिक्स, विदेश, राज्य, स्पोर्ट्स, क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ हैं। अवनीश को वेब और टीवी का कुल मिलाकर 3 साल का अनुभव है। यह नेड्रिक न्यूज में बतौर लेखक काम करते हैं।

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