India Toll Plaza Earning: भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेज़ी से हो रहा है और इसके साथ ही टोल टैक्स से होने वाली कमाई भी तेजी से बढ़ रही है। सरकार की ओर से हाल ही में संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, देशभर के टोल प्लाज़ों से हुई कमाई में पिछले कुछ सालों में इज़ाफा हुआ है। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि कई टोल प्लाज़ों ने पिछले 5 सालों में भारी कमाई की है, जिससे न केवल टोल की वसूली बढ़ी है, बल्कि सरकार की राजस्व की स्थिति भी मजबूत हुई है।
गुजरात का भरूच टोल प्लाजा- India Toll Plaza Earning
सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, गुजरात के भरूच स्थित टोल प्लाजा ने पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा कमाई की है। यह टोल प्लाजा एनएच-48 के वडोदरा-भरूच हिस्से पर स्थित है और इसने 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का टोल टैक्स वसूला है। पिछले वित्त वर्ष में इससे 472.65 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ, जो इस प्लाजा को देश का सबसे कमाई वाला टोल प्लाजा बनाता है।
राजस्थान, पश्चिम बंगाल और हरियाणा के टोल प्लाजा
इसके बाद दूसरे नंबर पर राजस्थान के शाहजहांपुर टोल प्लाजा का नाम आता है, जो दिल्ली को मुंबई से जोड़ने वाले एनएच-48 के गुड़गांव-कोटपुतली-जयपुर खंड पर स्थित है। इस टोल से पिछले 5 सालों में 1884.46 करोड़ रुपये का टैक्स वसूला गया है। इसके बाद तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल में स्थित जलधुलागोरी प्लाजा का नाम आता है। यह एनएच-16 के धनकुनी-खड़गपुर खंड पर स्थित है और यहां पिछले 5 सालों में 1500 करोड़ रुपये का टोल प्राप्त हुआ है।
हरियाणा का घरौंडा टोल प्लाजा भी अहम है, जो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ने वाले एनएच-44 के पानीपत-जालंधर खंड पर स्थित है। यहां पिछले पांच साल में 1300 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है। इस टोल प्लाजा के अलावा, गुजरात के चोरयासी टोल प्लाजा, राजस्थान के ठीकरिया/जयपुर टोल प्लाजा, तमिलनाडु का एलएंडटी कृष्णागिरी थुंबीपदी और उत्तर प्रदेश के नवाबगंज टोल प्लाजा भी शीर्ष कमाई करने वालों में शामिल हैं।
देश के टॉप-10 टोल प्लाज़ों से हुई कमाई
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों में शीर्ष-10 टोल प्लाज़ों से हुई कमाई का विवरण इस प्रकार है:
- भरथना (गुजरात) (NH-48) – 2,043.81 करोड़ रुपये
- शाहजहांपुर (राजस्थान) (NH-48) – 1,884.46 करोड़ रुपये
- जलधुलागोरी (पश्चिम बंगाल) (NH-16) – 1,538.91 करोड़ रुपये
- बराजोड़ (उत्तर प्रदेश) (NH-19) – 1,480.75 करोड़ रुपये
- घरौंडा (हरियाणा) (NH-44) – 1,314.37 करोड़ रुपये
- चोरयासी (गुजरात) (NH-48) – 1,272.57 करोड़ रुपये
- ठीकरिया/जयपुर (राजस्थान) (NH-48) – 1,161.19 करोड़ रुपये
- L&T कृष्णागिरी थोपुर (तमिलनाडु) (NH-44) – 1,124.18 करोड़ रुपये
- नवाबगंज (उत्तर प्रदेश) (NH-25) – 1,096.91 करोड़ रुपये
- सासाराम (बिहार) (NH-2) – 1,071.36 करोड़ रुपये
बढ़ती टोल टैक्स कमाई और सरकार की योजनाएं
भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे टोल टैक्स की वसूली में भी वृद्धि हो रही है। ये आंकड़े यह बताते हैं कि टोल प्लाज़ों से होने वाली कमाई ने सरकार के राजस्व में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सरकार के पास अब बढ़ती कमाई का अवसर है, जिसे वह देश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इस्तेमाल कर सकती है।
इसके अलावा, टोल वसूली से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा, सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए भी किया जा सकता है। साथ ही, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि टोल वसूली से होने वाली आय का इस्तेमाल बेहतर और सुरक्षित सड़क परिवहन सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा।