‘महंगाई से जनता नहीं है परेशान, हो जाती है इसकी आदत...’बोले बिहार के पर्यटन मंत्री

By Awanish Tiwari | Posted on 20th Feb 2021 | देश
Narayan Prasad and Nitish Kumar, Fuel Prices

देश की आम जनता महंगाई की मार से त्रस्त है। पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में रिकार्ड बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। देश के कई हिस्सों में पिछले दिनों पेट्रोल की कीमत 100 के पार पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत कम होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत आसमान छू रही है।

इसे लेकर विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी ने आंकड़ों के साथ बीजेपी सरकार पर हमला बोला था। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार बढ़ रही तेल की कीमतों के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन पिछले 6 सालों से बीजेपी सत्ता में बनी हुई है।

आम जनता को पेट्रोल-डीजल की कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने पिछले 6 साल में क्या काम किया, इस पर किसी तरह का कोई जवाब सामने नहीं आया है। दूसरी ओर सत्ताधारी पार्टी के नेता महंगाई को लेकर अपने अजीबोगरीब बयानबाजियों के कारण चर्चा में बने हुए हैं।

इसी बीच बीजेपी नेता और बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री नारायण प्रसाद (Narayan Prasad) ने महंगाई पर अजीबोगरीब बयान दिया है। जिसपर जमकर सियासत हो रही है।

बिहार के पर्यटन मंत्री का पूरा बयान

बीते दिन शुक्रवार से बिहार में विधानसभा के सत्र का शुभारंभ हुआ। इस दौरान विपक्षी पार्टी के विधायकों ने जमकर प्रदर्शन किया और महंगाई को लेकर बीजेपी और नीतीश सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष के प्रदर्शन पर सरकार का पक्ष जानने के लिए पर्यटन मंत्री (Narayan Prasad) से सवाल जवाब किए गए, जिस दौरान उन्होंने ये अजीबोगरीब बयान दिया। 

उन्होंने कहा, महंगाई से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। इससे जनता परेशान नहीं है, लोगों को इसकी आदत है। इसके अलावा नारायण प्रसाद ने कहा कि आम जनता गाड़ी से नहीं बल्कि बस से चलती है। इसलिए आम लोगों को बढ़े हुए दामों से कोई परेशानी नहीं हो रही है। 

बिहार के पर्यटन मंत्री ने कहा बजट आता है, तो महंगाई पर थोड़ा असर पड़ता है। आम लोगों को धीर-धीरे इसकी आदत हो जाती है और जनता पर इसका आंशिक असर ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का विरोध आम जनता नहीं बल्कि नेता कर रहे हैं।

जानें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी कम हुई कीमतें?

बता दें, इन दिनों देश में महंगाई बेलगाम हो चुकी है। देश में तेल की लगातार (Fuel prices in India) बढ़ रही कीमतों पर पिछले दिनों देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने तथ्यों के साथ मोदी सरकार पर हमला बोला था।

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस प्रवक्ता गौरव बल्लभ ने बीते दिन शुक्रवार को बीजेपी को निशाने पर लेते हुए उन्हें भयंकर जनलूट पार्टी का नाम दिया था। कांग्रेस नेताओं ने कहा, 26 मई, 2014 को कच्चे तेल की कीमत थी, 108.05 डॉलर प्रति बैरल। वहीं 19 फरवरी, 2021 को कच्चे तेल की कीमत है, 63.65 डॉलर प्रति बैरल।

इसके बावजूद मई, 2014 में पेट्रोल की कीमत 71.51 रुपए प्रति लीटर थी, जो आज बढ़कर 90.19 रुपए प्रति लीटर हो गई है, यानि कच्चे तेल की कीमत 41 प्रतिशत कम हो गई, पर पेट्रोल की कीमत 26 प्रतिशत बढ़ गई है।

इसी प्रकार मई 2014 में डीजल की कीमत 57.28 रुपए प्रति लीटर थी, जो आज बढ़कर 80.60 रुपए प्रति लीटर हो गई है। यानि कच्चे तेल की कीमत 41 प्रतिशत कम हो गई, पर फिर भी डीजल की कीमत 40.7 प्रतिशत बढ़ गई है।

Awanish Tiwari
अवनिश एक समर्पित लेखक है जो किसी भी विषय पर लिखना पसंद करतें है। अवनिश पॉलिटिक्स, विदेश, राज्य, स्पोर्ट्स, क्राइम की खबरों पर एक समान पकड़ रखतें हैं। अवनिश को वेब और टीवी का कुल मिलाकर 3 साल का अनुभव है। अवनिश नेड्रिक न्यूज में बतौर लेखक काम करते हैं।

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