What is Cancel Culture: हाल ही में, कॉमेडियन कुणाल कामरा के विवाद ने सोशल मीडिया पर फिर से कैंसल कल्चर को चर्चा का मुद्दा बना दिया है। एकनाथ शिंदे के बारे में उनके बयान के बाद, उनके बहिष्कार की मांग सोशल मीडिया पर तेज़ हो गई है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या सच में लोगों को सार्वजनिक रूप से ‘कैंसल’ करना सही है? कैंसल कल्चर, जो आजकल एक ट्रेंड बन चुका है, एक दोधारी तलवार की तरह काम करता है। इसमें कभी किसी सेलेब्रिटी को अपार सफलता और प्रसिद्धि मिलती है, तो कभी अगले ही दिन उसी सेलेब्रिटी के खिलाफ बवाल मचता है, और उसका करियर खत्म हो जाता है।
दक्षिण कोरिया में कैंसल कल्चर- What is Cancel Culture
कैंसल कल्चर की क्रूरता को सबसे पहले दक्षिण कोरिया में देखा जाता है, जहां की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में किसी भी स्टार के लिए एक छोटी सी गलती भी करियर को खत्म करने के लिए काफी होती है। कोरिया में सार्वजनिक आलोचना और गुस्से के कारण एक अभिनेता या आईडल का करियर रातोंरात समाप्त हो सकता है। K-पॉप और K-ड्रामा इंडस्ट्री में तो इमेज कंट्रोल बेहद सख्त होता है, और यहां तक कि एक छोटी सी गलती भी करियर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
इसका एक उदाहरण किम सू-ह्युन है, जो अपनी लोकप्रिय टीवी सीरीज़ “माय लव फ्रॉम द स्टार” और “इट्स ओके टू नॉट बी ओके” के लिए जाने जाते हैं। एक विवाद ने उन्हें घेर लिया जब उनके रिश्ते को लेकर आरोप लगाए गए, जिसमें कहा गया कि उनका एक नाबालिग लड़की के साथ अवैध संबंध था। उनकी एजेंसी ने इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन तब तक किम के इंस्टाग्राम से एक मिलियन फॉलोअर्स कम हो गए, और उनकी छवि को गंभीर नुकसान हुआ। इसी तरह, किम साए-रॉन जैसे स्टार को DUI (ड्राइविंग अंडर इंफ्लुएंस) मामले में भी कैंसल कल्चर का शिकार होना पड़ा। कई बार माफी मांगने और सुधारने की कोशिश के बावजूद, वह इंडस्ट्री से बाहर हो गए। यह दिखाता है कि कोरियाई कैंसल कल्चर में सुधार की कोई जगह नहीं होती।
बॉलीवुड में कैंसल कल्चर का असर
बॉलीवुड में कैंसल कल्चर उतना कठोर नहीं है, लेकिन यहां भी मीडिया ट्रायल्स और सार्वजनिक आक्रोश की लहर उठती रहती है। एक बड़ा उदाहरण रिया चक्रवर्ती का है, जो 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मीडिया के गुस्से का शिकार बनीं। जबकि कोर्ट में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था, लेकिन सोशल मीडिया और मीडिया ने उन्हें पहले ही दोषी मान लिया। इसके परिणामस्वरूप रिया चक्रवर्ती की छवि धूमिल हो गई, उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से बाहर कर दिया गया और उनके ब्रांड्स ने उनसे संबंध तोड़ लिए।
हालांकि कुछ बॉलीवुड सितारे जैसे सलमान खान, जिनके खिलाफ कई विवाद उठ चुके हैं, जैसे हिट-एंड-रन केस और काले हिरण के शिकार के आरोप, वे इस कैंसल कल्चर से बच निकले हैं। उनके फैंस हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं और उनके फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाती हैं।
हॉलीवुड में कैंसल कल्चर और सितारों की वापसी
हॉलीवुड में भी कैंसल कल्चर का असर दिखाई देता है, लेकिन वहां पर सितारों के लिए वापसी का एक रास्ता भी होता है। उदाहरण के तौर पर, जॉनी डेप और रॉबर्ट डाउनी जूनियर जैसे सितारे विवादों के बावजूद वापसी करने में सफल रहे। वहीं, ड्रू बैरीमोर और टेलर स्विफ्ट जैसे स्टार्स को अपने फैंस से असामान्य और खतरनाक व्यवहार का सामना करना पड़ा है, जो दर्शाता है कि हॉलीवुड में भी सितारों को निजी खतरे का सामना करना पड़ता है।
सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
कैंसल कल्चर का एक अन्य पहलू यह है कि यह सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है, जो आजकल अकेलेपन और मानसिक तनाव का एक प्रमुख कारण बन चुका है। सोशल मीडिया पर, फैंस और सेलेब्रिटीज के बीच एकतरफा भावनात्मक संबंध बन जाते हैं, जिसे पर्सासोशल संबंध कहा जाता है। इससे फैंस को यह भ्रम हो जाता है कि वे सितारों को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, और जब सितारे किसी विवाद में फंसते हैं, तो फैंस तीव्र विश्वासघात महसूस करते हैं, जिससे गुस्सा और कैंसल कल्चर का जन्म होता है।
कैंसल कल्चर का भविष्य
कैंसल कल्चर का उद्देश्य लोगों को जिम्मेदार ठहराना है, लेकिन यह जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अब और भी जटिल होती जा रही है। दक्षिण कोरिया में सेलेब्रिटीज के लिए कोई सुधार का रास्ता नहीं होता, जबकि बॉलीवुड में यह चयनात्मक आक्रोश पर निर्भर करता है कि किसे कैंसल किया जाए और किसे नहीं। हॉलीवुड में, स्टारडम के साथ भक्ति जैसी स्थिति बन जाती है, जो मानसिक और शारीरिक खतरों को जन्म देती है।
इसलिए, सवाल यह उठता है कि क्या कैंसल कल्चर किसी भी करियर के लिए सही है या यह केवल एक निर्दयी प्रक्रिया है, जो लोगों की व्यक्तिगत और मानसिक स्वतंत्रता को खतरे में डालती है?