भारत ने क्यों की अरुणाचल में बोफोर्स तोपों की तैनाती? अब LAC पर हो रही कैसी तैयारी?

By Ruchi Mehra | Posted on 21st Oct 2021 | विदेश
bofors, india china dispute

भारत और चीन के बीच LAC पर जारी विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा। यहां तकरीबन बीते डेढ़ साल से दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने बनी हुई है। बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश भी हुई, लेकिन अब तक पूरी तरह से समाधान नहीं निकला। इस बीच एक और बड़ी खबर सीमा पर बढ़ रही हलचल ने एक बार फिर से टेंशन बढ़ा दी है। क्या फिर भारत और चीन के बीच युद्ध जैसे हालात बनने लगे हैं? 

अरुणाचल में बढ़ रहा तनाव

दरअसल, अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत चीन के बीच विवाद बढ़ता दिख रहा है। यहां भारत और चीनी सेना का फिर से आमना सामना होता दिख रहा है। ताजा खबरों के मुताबिक एक ओर चीन ने अपने एडवांस रेंज के रॉकेट भारतीय सीमा से लगी ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर तैनात कर दिया। तो दूसरी ओर भारत ने भी जवाब में बोफोर्स तोपें उतार ली। बीते दिन ये खबर सामने आई है कि अरुणाचल में भारत ने बोफोर्स तोप को चीन से लगे अग्रिम चौकियों पर तैनात कर दिया। दोनों तरफ से एक बार फिर से बढ़ी गतिविधियों के बाद सवाल उठने लगे है कि क्या भारत और चीन के बीच फिर कुछ बड़ा होने जा रहा है? 

दरअसल, चीन की आदत से भारत अच्छी तरह वाकिफ है। चीन एक ओर तो विवाद सुलझाने की बात कहता है, लेकिन इस बीच वो कब पीठ में छुरा घोंप दे मालूम नहीं होता। इसलिए भारतीय भी उसकी हर चाल का करारा जबाव देने के लिए तैयार रहता है। वैसे तो चीन बातचीत के जरिए विवाद हल करने की बात करता नजर आ रहा है, लेकिन इसकी आड़ में उसने अरुणाचल में जो रॉकेट की तैनाती सवाल खड़े कर रही है। इसलिए भारत ने भी वहां बोफोर्स तोपों की तैनाती कर दी।

काफी खास हैं बोफोर्स 

बोफोर्स गन काफी खास होती है। इसको किसी भी जगह यूज किया जा सकता है। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में। इन गन का वजन 12 हजार किलो होता है। गन में ऑक्जिलरी पावर यूनिट है, जिससे ये  एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट पर अपने इंजन की मदद से जा सकता है। इस गन से अलग अलग तरह के एम्युनेशन फायर किए जा सकते है। 

पिछले महीने भी हुआ था विवाद

दरअसल, अरुणाचल प्रदेश को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव जारी है। बीते महीने यहां तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों में भिड़त भी हो गई थी। इसको लेकर जो जानकारी मिली उसके मुताबिक अरुणाचल में LAC पर चीन के 200 सैनिक तिब्बत की ओर से भारतीय सीमा में घुस आए थे। चीन की इस हरकत का करारा जवाब देते हुए भारतीय जवानों ने उनको खदेड़ दिया।

वहीं बीते दिनों अरुणाचल को लेकर चीन की तरफ से एक विवादित स्टेटमेंट भी सामने आया था। चीन के विदेश विभाग के प्रवक्‍ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन अवैध रूप से बने तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्‍यता नहीं देता। दरअसल, अरुणाचल पर चीन अपना दावा पेश करता है और इसको दक्षिण तिब्‍बत का हिस्‍सा बताता आया है। 

पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार चीन ने अरुणाचल प्रदेश के सामने अपने अंदरूनी इलाकों में तैनाती और सैन्य अभ्यास बढ़ा दिए हैं।

वहीं इस साल जनवरी में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आई थीं, जिसमें ये दावा किया गया था कि चीन अरुणाचल में भारत की सीमा से साढ़े चार किलोमीटर अंदर एक गांव बसा चुका है। गांव में 100 से भी अधिक घर बनाए गए। गांव सुबनसिरी में सारी चु नदी के किनारे बसाया गया, जो LAC के पास का इलाका है। एक US बेस्ड कंपनी ने इसकी फोटोज भी जारी की थीं। 

Ruchi Mehra
Ruchi Mehra
रूचि एक समर्पित लेखक है जो किसी भी विषय पर लिखना पसंद करती है। रूचि पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ, विदेश, राज्य की खबरों पर एक समान पकड़ रखती हैं। रूचि को वेब और टीवी का कुल मिलाकर 3 साल का अनुभव है। रुचि नेड्रिक न्यूज में बतौर लेखक काम करती है।

अन्य

प्रचलित खबरें

© 2020 Nedrick News. All Rights Reserved. Designed & Developed by protocom india