चीन ने बना डाली 'स्वर्ग की आंखें', जानिए ये टेलीस्कोप कैसे देगा एलियंस-एस्टेरॉयड्स की खबरें!

By Ruchi Mehra | Posted on 17th Jan 2021 | विदेश
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अंतरिक्ष में एलियंस, एस्टेरॉयड्स के साथ ही मेटियोर्स की खबर देने वाले टेलीस्कोप आर्सिबो टेलीस्कोप टूट गया तो दुनिया के लिए चीन ने नया टेलीस्कोप बना डाला। जी हां, हाल के दिनों में चीन इसी को लेकर सुर्खियों में है। दुनियाभर के साइंटिस्ट्स चीन के इस बड़े टेलीस्कोप से एलियन की दुनिया और धरती की तरफ बढ़ रहे एस्टेरॉयड्स के बारे में जान पाएंगे।

सवाल कई है इस टेलीस्कोप से जुड़े, जैसे कि इतना बड़ा टेलीस्कोप कहां बना और कैसे बनाया चीन ने? तो चलिए सबकुछ एक एक कर जानते हैं।

नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जरवेट्रीस ऑफ चाइना की तरफ से कहा गया कि अपने इस विशाल टेलीस्कोप का 10 प्रतिशत ऑब्जरवेशन समय, वो दुनिया के अलग अलग साइंटिस्ट्स के लिए देगा। इस साल 1 अगस्त तक इस टेलीस्कोप के जरिए अंतरिक्ष की निगरानी करने का टाइमटेबल जारी कर दिया जाएगा और फिर इस टेलीस्कोप का दुनियाभर के साइंटिस्ट इस्तेमाल कर पाएंगे।

जिस टेलीस्कोप की खासा चर्चाएं है, उसका नाम फाइव हंड्रेड मीटर अपर्चर स्फेरिकल टेलीस्कोप जो दक्षिण-पश्चिम चीन के गुईझोउ प्रांत में बनाया गया है। यहां के पिंगतांग क्षेत्र की पहाड़ियों के बीच इसका निर्माण किया गया। इसे तियानयान या फिर स्वर्ग की आंखें यानि कि Eye of Heaven नाम से भी जाना जा रहा है।

पिंगतांग इलाके के गांव के लोगों को दूसरी जगह Displaced किया गया, जिससे कि टेलीस्कोप के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेज से उन्हें कोई क्षति न पहुंचे। FAST टेलीस्कोप एक गोलाकार डिश एंटीना है जिसका व्यास 500 मीटर है। इसे बनाने में 4450 त्रिकोण पैनल्स को इस्तेमाल किया गया है और 2000 मैकेनिकल विंचेस माने चरखियां इसमें लगी हैं, जो अलग-अलग दिशा में इस रेडियो टेलीस्कोप को घुमाने में हेल्प करती है।

अगर बात आर्सिबो टेलीस्कोप की बात करें तो अगर अंतरिक्ष में देखना हो तो सिर्फ 20 डिग्री तक ही घूमने की क्षमता थी उसमें पर FAST टेलीस्कोप 40 डिग्री तक एबल है घूम पाने में। NAOC के साइंटिस्ट्स की तरफ से जानकारी दी गई है कि इस टेलीस्कोप का इस्तेमाल बस सुदूर अंतरिक्ष के ग्रहों और फिर एलियन जीवन की खोज के साथ ही एस्टेरॉयड्स जो कि काफी ज्यादा दूरी से आ रहे हों उनकी जानकारी देगा। नीयर अर्थ ऑबजेक्ट्स की ये जानकारी नहीं देगा।

आर्सिबो टेलिस्कोप से रेडियो टेलिस्कोप 2.5 गुना ज्यादा संवेदनशील है। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जो भी अंतरिक्ष से आने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक के अलावा जो भी रेडियो तरंगों को काफी ज्यादा बारीकी से कैट कर पाएगा। इसके पास किरणों को कैच करने का 71 हजार वर्ग मीटर है क्षेत्रफल। जबकि, ये क्षेत्रफल आर्सिबो टेलिस्कोप के पास सिर्फ 50 हजार वर्ग मीटर ही था।

साल 2016 में FAST टेलीस्कोप को बनाया जाना शुरू किया गया था और 11 जनवरी 2020 को पूरा हुआ। अब यह ऑफिशियली अंतरिक्ष में ताकाझाकी के लिए तैयार है। जिसमें 19 बीम रिसीवर हैं। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने भी इसे बनाने में हेल्प की है। इस टेलीस्कोप से अंतरिक्ष, आकाशगंगा और सौर मंडल की कहां से उत्पत्ति हुई ऐसे कई सवालों की जानकारियां हासिल की जा सकेंगी।

पिछले साल 1 जनवरी तक FAST टेलीस्कोप के जरिए ट्रायल रन के वक्त अंतरिक्ष से 121 सिग्नल पकड़े गए। अगर दुनिया के वैज्ञानिकों को चीन इस टेलीस्कोप के इस्तेमाल की इजाजत देता है तो इसका फायदा पूरी दुनिया उठा सकेगी। मौजूदा समय में अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया की चीन इस प्रोजेक्ट में हेल्प ले रहा है।

Ruchi Mehra
Ruchi Mehra
रूचि एक समर्पित लेखक है जो किसी भी विषय पर लिखना पसंद करती है। रूचि पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ, विदेश, राज्य की खबरों पर एक समान पकड़ रखती हैं। रूचि को वेब और टीवी का कुल मिलाकर 3 साल का अनुभव है। रुचि नेड्रिक न्यूज में बतौर लेखक काम करती है।

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